CG News- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर स्वच्छ भारत मिशन और स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान 2025-26 के अंतर्गत रायपुर नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 10 क्षेत्र में एक बड़ी शुरुआत हुई है। डॉ. राजेन्द्र प्रसाद वार्ड स्थित अमलीडीह जोन कार्यालय परिसर में आरआरआर (रिड्यूज, रियूज, रिसायकल) सेंटर को नए रंग-रूप और आधुनिक सुविधाओं के साथ प्रारंभ किया गया है। रायपुर नगर निगम की महापौर मीनल चौबे ने जोन अध्यक्ष सचिन बी मेघानी, एमआईसी सदस्य अनामिका सिंह और वार्ड पार्षदों की मौजूदगी में इस नए स्वरूप वाले सेंटर का लोकार्पण कर आम जनता को समर्पित किया। इस सेंटर के शुरू होने से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को मजबूत करने और पर्यावरण को स्वच्छ रखने में मदद मिलेगी।
ई-बैटरी वाहन और महिलाओं के लिए रोजगार की व्यवस्था
इस नए स्वरूप वाले आरआरआर सेंटर को हाईटेक और आत्मनिर्भर बनाया गया है। नगर निगम द्वारा यहाँ एक विशेष ई-बैटरी वाहन उपलब्ध कराया गया है, जो जोन 10 के अंतर्गत आने वाले सभी 7 वार्डों के रहवासी इलाकों में जाकर नागरिकों के घरों से अनुपयोगी वस्तुएं संग्रहित करेगा। इसके अलावा, महापौर मीनल चौबे के निर्देश पर सेंटर में महिलाओं के कल्याण और स्वावलंबन के लिए सिलाई मशीनों की व्यवस्था की गई है, जिससे वंदना महिला स्व-सहायता समूह की महिलाएं आवश्यक प्रशिक्षण प्राप्त कर रोजगार से जुड़ सकेंगी। सेंटर में बर्तन बैंक, झोला बैंक सहित पुराने कपड़े, जूते-चप्पल, इलेक्ट्रॉनिक और प्लास्टिक सामानों को व्यवस्थित रखने के लिए अलग-अलग आलमारियां बनाई गई हैं।
कचरा प्रबंधन के साथ जरूरतमंदों की मदद
लोकार्पण के अवसर पर महापौर मीनल चौबे ने नागरिकों को आरआरआर (कचरा कम करना, पुनः उपयोग और पुनर्चक्रण) की महत्वपूर्ण अवधारणा के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि नागरिकों द्वारा दी गई जो वस्तुएं दोबारा इस्तेमाल के लायक होंगी, उन्हें मरम्मत कर स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से गरीब और जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाया जाएगा। वहीं, अनुपयोगी कपड़ों से स्व-सहायता समूह की महिलाएं थैले और झोले तैयार करेंगी तथा शेष अपशिष्ट को रीसाइक्लिंग यूनिट भेजा जाएगा। महापौर ने रायपुर के सभी नागरिकों से विनम्र अपील की है कि वे अपने घरों का अनुपयोगी सामान इस सेंटर में जमा कर पर्यावरण संरक्षण में अपनी भागीदारी निभाएं और जरूरतमंदों के चेहरे पर मुस्कान लाएं।







