भीषण गर्मी की दस्तक के बीच रायपुर जिला प्रशासन ने मानवता और जनहित की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। “वाटर फॉर आल” अभियान के माध्यम से अब शहर के समस्त होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा एवं खाद्य प्रतिष्ठानों में ग्राहकों को बिना किसी शुल्क के शुद्ध और ठंडा पेयजल उपलब्ध कराना अनिवार्य कर दिया गया है।
निरीक्षण और मॉनिटरिंग के कड़े निर्देश
रायपुर नगर पालिक निगम के अधिकारियों द्वारा इस अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु सघन मॉनिटरिंग की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि:
अनिवार्य स्टीकर: प्रत्येक प्रतिष्ठान के प्रवेश द्वार या मुख्य काउंटर पर “वाटर फॉर आल” का स्टीकर लगा होना अनिवार्य है, ताकि ग्राहक अपने अधिकार के प्रति जागरूक रहें।
शपथ पत्र: सभी प्रतिष्ठान संचालकों से इस सेवा को सुचारू रूप से देने हेतु शपथ पत्र प्राप्त किए जा रहे हैं।
नियमित सत्यापन: निगम की टीमें स्थलीय निरीक्षण कर यह सुनिश्चित कर रही हैं कि ग्राहकों को नि:शुल्क पानी देने में कोई आनाकानी न की जाए।
आम नागरिकों को बड़ी राहत
अक्सर देखा जाता था कि होटलों और रेस्टोरेंट्स में जाने पर ग्राहकों को मजबूरन पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर (बोतल बंद पानी) खरीदना पड़ता था। प्रशासन की इस पहल से न केवल आम जनता की जेब पर बोझ कम होगा, बल्कि प्लास्टिक कचरे में भी कमी आएगी। नागरिकों ने जिला प्रशासन के इस सकारात्मक कदम की सराहना की है।
उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
नगर निगम ने सभी व्यवसायियों को चेतावनी दी है कि यदि किसी भी प्रतिष्ठान में नि:शुल्क पेयजल देने से मना किया जाता है या अभियान के मानकों का उल्लंघन पाया जाता है, तो उनके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह मॉनिटरिंग प्रक्रिया आने वाले दिनों में और भी सघन की जाएगी।








