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प्रोजेक्ट पुनर्जीवन: रायपुर में पेड़ों को मिलेगी 'आजादी', ट्री-गार्ड और कंक्रीट के घेरे हटाने का काम युद्ध स्तर पर शुरू

रायपुर: राजधानी रायपुर के शहरी पर्यावरण को नई संजीवनी देने और कंक्रीट के जंगलों के बीच दम तोड़ रहे पौधों को नया जीवन देने के लिए जिला प्रशासन और नगर पालिक निगम ने एक बेहद अनूठी मुहिम की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विशेष निर्देशों के बाद रायपुर जिला प्रशासन द्वारा ‘प्रोजेक्ट पुनर्जीवन’ नामक एक अत्यंत अभिनव और दूरगामी योजना शुरू की गई है। हाल ही में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका द्वारा पर्यावरण संरक्षण और घटते हरित आवरण को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की गई थी। इसके तत्काल बाद हरकत में आते हुए रायपुर जिला कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के मार्गदर्शन में इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने के लिए युद्ध स्तर पर काम शुरू कर दिया गया है।

इस विशेष अभियान के तहत रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त संबित मिश्रा के कुशल निर्देशन में निगम के सभी 10 जोनों के कमिश्नर खुद मैदान में उतरकर सतत मॉनिटरिंग कर रहे हैं। अधिकारी हर दिन नियमित रूप से अपने-अपने जोन के सभी वार्डों और मुख्य मार्गों का दौरा कर रहे हैं। इस दौरान ऐसे सभी पौधों और वृक्षों को चिन्हित किया जा रहा है, जो पूर्व में सुरक्षा के नाम पर चारों ओर से कंक्रीट के चबूतरों, सीमेंट के घेरों और संकरे लोहे के ट्री-गार्ड्स में बुरी तरह जकड़े हुए थे। कंक्रीट के इन घेरों के कारण पेड़ों की जड़ें जमीन से प्राकृतिक रूप से मिट्टी, पानी और जरूरी पोषक तत्व अवशोषित नहीं कर पा रही थीं और उनका विकास पूरी तरह से रुक गया था।
चिन्हित किए गए इन सभी पेड़ों को कंक्रीट की इस कैद से मुक्त कराने का कार्य सभी 10 जोनों में निरंतरता और तेज गति से प्रगति पर है। जोन कमिश्नर कटर मशीनों और मजदूरों की सहायता से इन ट्री-गार्ड्स को हटवा रहे हैं ताकि पेड़ों को स्वतः विकसित होने के लिए एक प्राकृतिक और पर्यावरण हितैषी वातावरण मिल सके। कंक्रीट हटने से मानसून की बारिश का पानी सीधे पेड़ों की जड़ों तक पहुंचेगा, जिससे भूजल स्तर में भी सुधार होगा। नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा ने साफ तौर पर सभी जोन कमिश्नरों को निर्देशित किया है कि समाज हित और पर्यावरण सुरक्षा से जुड़े इस कार्य को पहली प्राथमिकता (Top Priority) में रखकर समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए।
इस बीच, रायपुर जिला कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने राजधानी के समस्त जागरूक नागरिकों, सामाजिक संगठनों और रहवासी कल्याण संघों (RWA) से इस 'प्रोजेक्ट पुनर्जीवन' में सक्रिय सहभागी बनने की विनम्र अपील की है। कलेक्टर ने कहा है कि नागरिक अपने घरों और दुकानों के सामने कंक्रीट से मुक्त किए जा रहे इन पौधों को नियमित रूप से पानी और खाद देकर उनके संवर्धन की जिम्मेदारी उठाएं। इस महाअभियान में सक्रिय रूप से अपना योगदान देने वाले सभी पर्यावरण प्रेमी नागरिकों को जिला प्रशासन के तत्वावधान में 'पर्यावरण मित्र' (Environment Friend) के रूप में विशेष तौर पर सम्मानित किया जाएगा। वर्तमान में इस पूरे अभियान की प्रगति की समीक्षा स्वयं कलेक्टर और निगम आयुक्त द्वारा नियमित रूप से की जा रही है।







