रायपुर: राजधानी में गर्मी की आहट के साथ ही पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए रायपुर नगर निगम ने कमर कस ली है। महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जनता को शुद्ध और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है। एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने सभी जोन कमिश्नरों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे केवल दफ्तरों में न बैठें, बल्कि प्रतिदिन सुबह जल आपूर्ति के समय वार्डों का निरीक्षण करें ताकि पाइपलाइन के अंतिम छोर (टेल एंड) तक पानी पहुँचना सुनिश्चित हो सके।
बैठक के दौरान महापौर ने जल संकट वाले क्षेत्रों की पहचान कर वहां पार्षदों के समन्वय से टैंकरों की व्यवस्था पहले से ही तय करने को कहा है। साथ ही, अवैध नल कनेक्शनों पर सर्जिकल स्ट्राइक करने और पानी की बर्बादी रोकने के लिए कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। महापौर ने साफ किया कि यदि किसी वार्ड में तकनीकी समस्या आती है, तो जोन स्तर के अधिकारी तत्काल मुख्यालय के इंजीनियरों से संपर्क कर त्वरित निराकरण करेंगे ताकि नागरिकों को बूंद-बूंद पानी के लिए भटकना न पड़े।
निगम आयुक्त श्री विश्वदीप ने भी अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि पेयजल आपूर्ति में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आयुक्त ने शहर के सभी 45 जलागारों (टंकियों) की मैकेनिकल सफाई अभियान चलाकर जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में यह भी तय किया गया कि सुगम जलापूर्ति के साथ-साथ शत-प्रतिशत राजस्व वसूली को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। इस दौरान अपर आयुक्त विनोद पाण्डेय सहित सभी जोन कमिश्नर और जल विभाग के अभियंता मौजूद रहे।








