रायपुर। राजधानी के भाटागाँव मुख्य मार्ग पर पाइपलाइन लीकेज की समस्या अब नगर निगम प्रशासन के लिए गले की हड्डी बनती जा रही है। बार-बार एक ही स्थान पर पाइप फटने और मरम्मत के बावजूद फिर से वही स्थिति पैदा होने पर नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने मौके पर पहुँचकर स्थिति का जायजा लिया और जल विभाग के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए इसे कार्य के प्रति घोर लापरवाही करार दिया।
हजारों लीटर पानी की बर्बादी पर जताई चिंता
निरीक्षण के दौरान महापौर ने देखा कि पाइपलाइन लीकेज की वजह से न केवल मुख्य मार्ग पर जलभराव हो रहा है, बल्कि हजारों लीटर पीने योग्य साफ पानी नालियों में बह रहा है। इसके कारण सड़क की परतें भी उखड़ने लगी हैं, जिससे आवाजाही में राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। महापौर ने दोटूक शब्दों में कहा कि मरम्मत के नाम पर केवल "लीपापोती" बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अधिकारियों को अल्टीमेटम
महापौर ने जोन के संबंधित इंजीनियरों और जल विभाग के अमले को निर्देशित किया कि अगले 24 घंटे के भीतर इस समस्या का स्थायी तकनीकी समाधान निकाला जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उसी स्थान पर दोबारा लीकेज की शिकायत मिली, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ निलंबन जैसी सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से स्पष्टीकरण माँगा कि बार-बार मरम्मत के बाद भी पाइपलाइन उसी जगह से क्यों फट रही है?
जनता की परेशानी और गंदा पानी
पाइपलाइन लीकेज की वजह से आसपास के वार्डों में पेयजल आपूर्ति का दबाव (प्रेशर) कम हो गया है। साथ ही, पाइप फटने से मिट्टी और गंदगी अंदर जाने के कारण कई घरों में मटमैले पानी की आपूर्ति की शिकायतें भी मिल रही हैं। महापौर ने साफ किया कि नागरिकों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना निगम की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर कोताही स्वीकार्य नहीं होगी।
इस दौरान स्थानीय निवासियों ने महापौर को अपनी अन्य समस्याओं से भी अवगत कराया, जिस पर उन्होंने तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित विभाग को फोन पर ही निर्देश जारी किए।








