रायपुर। राजधानी रायपुर की जीवनरेखा मानी जाने वाली खारुन नदी को अब नया स्वरूप मिलने जा रहा है। सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) ने करीब 61 करोड़ रुपये की लागत से रिवर फ्रंट विकास परियोजना को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना के तहत खारुन नदी के घाटों का सौंदर्यीकरण किया जाएगा और वाराणसी तथा उज्जैन की तर्ज पर भव्य महाआरती का आयोजन भी प्रस्तावित है।
परियोजना के तहत नदी किनारे आधुनिक घाट, आकर्षक लाइटिंग, बैठने की व्यवस्था, पैदल पथ और अन्य सार्वजनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसका उद्देश्य खारुन नदी को धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन की दृष्टि से नया आयाम देना है। महाआरती और रिवर फ्रंट बनने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को भी एक नया आकर्षण मिलेगा।
सरकार का मानना है कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना से रायपुर में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और शहर की सांस्कृतिक पहचान भी मजबूत होगी। रिवर फ्रंट विकसित होने के बाद खारुन नदी का क्षेत्र धार्मिक आयोजनों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में उभर सकता है, जिससे राजधानी के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।







