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Raipur Junior Doctors Strike: स्टाइपेंड बढ़ने के बाद भी हड़ताल जारी, 17 सूत्रीय मांगों पर अड़े जूनियर डॉक्टर

रायपुर। एमबीबीएस इंटर्न और पीजी डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी के बावजूद रायपुर में जूनियर डॉक्टरों का आंदोलन जारी है। डॉक्टरों का कहना है कि स्टाइपेंड के अलावा उनकी कई अन्य मांगें अभी लंबित हैं। इन्हीं 17 सूत्रीय मांगों को लेकर चल रहा आंदोलन अब पांचवें दिन में पहुंच गया है।

स्टाइपेंड में 26% तक की बढ़ोतरी
राज्य शासन ने एमबीबीएस इंटर्न का स्टाइपेंड बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया है। इसके बाद पीजी मेडिकल डॉक्टरों के स्टाइपेंड में भी करीब 26 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का आदेश जारी किया गया है। इसके बावजूद जूनियर डॉक्टरों ने आंदोलन समाप्त नहीं किया है।
डॉक्टरों का कहना है कि उनकी मांगों का दायरा केवल स्टाइपेंड तक सीमित नहीं है। 17 सूत्रीय मांगों में अन्य लंबित मुद्दों का समाधान भी उनकी प्रमुख मांगों में शामिल है।
अंबेडकर अस्पताल की ओपीडी पर असर
जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल का असर अंबेडकर अस्पताल और मेडिकल कॉलेज से जुड़ी स्वास्थ्य सेवाओं पर देखने को मिल रहा है। आंदोलन के चलते ओपीडी में मरीजों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में करीब आधी रहने की जानकारी सामने आई है।
आंदोलन के पांचवें दिन भी डॉक्टर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। स्टाइपेंड वृद्धि के बाद अब आगे की स्थिति शासन और आंदोलनरत डॉक्टरों के बीच बातचीत एवं लंबित मांगों पर होने वाली कार्रवाई पर निर्भर करेगी।
17 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन
जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि स्टाइपेंड बढ़ोतरी के बावजूद 17 सूत्रीय मांगों में शामिल अन्य मुद्दों पर अभी समाधान जरूरी है। इन्हीं मांगों को लेकर डॉक्टरों ने आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है।






