राजधानी रायपुर में पिछले कुछ समय से रसोई गैस (LPG) की भारी किल्लत देखी जा रही है। इस संकट का सबसे ज्यादा असर उन छात्रों पर पड़ रहा है जो बाहर से आकर यहां पढ़ाई कर रहे हैं और किराए के कमरों में रहते हैं। छात्रों की इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब छात्रों को भारी-भरकम 14.2 किलो के सिलेंडर के बजाय 5 किलो का 'छोटू' सिलेंडर प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाएगा।
बिना एड्रेस प्रूफ की समस्या होगी खत्म
अक्सर हॉस्टल या पीजी में रहने वाले छात्रों के पास स्थानीय निवास प्रमाण पत्र (Local Address Proof) नहीं होता, जिससे उन्हें नया गैस कनेक्शन लेने में काफी मशक्कत करनी पड़ती थी। प्रशासन के नए फैसले के अनुसार, अब छात्रों को गैस सिलेंडर के लिए कड़े नियमों से नहीं गुजरना पड़ेगा। गैस एजेंसियां अब छात्रों को उनके आईडी कार्ड और कॉलेज के दस्तावेजों के आधार पर तुरंत छोटा सिलेंडर उपलब्ध कराएंगी, जिससे उन्हें ब्लैक में गैस खरीदने या चूल्हे पर निर्भर रहने से मुक्ति मिलेगी।
इन दस्तावेजों को रखना होगा साथ
यदि आप रायपुर में पढ़ाई कर रहे छात्र हैं और इस सुविधा का लाभ उठाना चाहते हैं, तो आपको कुछ बुनियादी दस्तावेज तैयार रखने होंगे। इसमें आपके कॉलेज का आईडी कार्ड (Identity Card), वर्तमान शैक्षणिक सत्र की फीस रसीद और एक आधार कार्ड की फोटोकॉपी शामिल है। इन दस्तावेजों को दिखाकर आप नजदीकी गैस एजेंसी या अधिकृत डिस्ट्रीब्यूटर से सीधे 5 किलो का सिलेंडर प्राप्त कर सकते हैं। यह प्रक्रिया बेहद सरल और त्वरित बनाई गई है।
गैस संकट पर प्रशासन की पैनी नजर
रायपुर कलेक्टर और खाद्य विभाग की टीम लगातार गैस वितरण की निगरानी कर रही है। प्रशासन का कहना है कि गैस की कालाबाजारी रोकने और छात्रों को राहत देने के लिए यह कदम उठाया गया है। एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे छात्रों के साथ सहयोग करें और छोटे सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखें। इस फैसले के बाद छात्रों ने राहत की सांस ली है, क्योंकि अब उन्हें पढ़ाई के बीच खाने-पीने के लिए गैस की चिंता नहीं सताएगी।








