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Education News: पदोन्नति में देरी से शिक्षा विभाग में बढ़ा प्रभारवाद, संयुक्त संचालक के पदों पर अतिरिक्त जिम्मेदारी

Chhattisgarh 09 September 2026

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग में पदोन्नति प्रक्रिया में देरी के चलते वरिष्ठ अधिकारियों के पदों पर रिक्तता की स्थिति बनी हुई है। इसका असर विभागीय कामकाज पर भी दिखाई दे रहा है। कई महत्वपूर्ण पदों पर नियमित नियुक्ति के बजाय प्रभार के जरिए व्यवस्था संचालित किए जाने की स्थिति सामने आई है।

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उच्च पदों पर प्रभार से चल रहा काम

शिक्षा विभाग में संयुक्त संचालक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अधिकारियों की कमी के कारण दूसरे अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारी दिए जाने की व्यवस्था चल रही है। इससे विभाग में नियमित पदस्थापना और पदोन्नति की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

विभाग में पदोन्नति नहीं होने से वरिष्ठता के अनुरूप अधिकारियों को जिम्मेदारी मिलने में देरी हो रही है। दूसरी ओर, उपलब्ध अधिकारियों पर अतिरिक्त प्रशासनिक जिम्मेदारियां बढ़ने से विभागीय कामकाज पर भी इसका असर पड़ने की संभावना है।

कनिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदारी मिलने पर उठे सवाल

विभागीय व्यवस्था में उच्च पदों पर कनिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदारी दिए जाने को लेकर भी चर्चा है। कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच यह मुद्दा लगातार उठता रहा है कि रिक्त पदों पर नियमित पदोन्नति और पदस्थापना की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए।

स्कूल शिक्षा विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर वर्ष 2026 में विभिन्न संवर्गों की वरिष्ठता सूचियां और पदोन्नति से संबंधित जानकारी भी जारी की गई है। 

प्राचार्यों को भी मिल रहा अतिरिक्त प्रभार

पदोन्नति प्रक्रिया में देरी का असर केवल उच्च प्रशासनिक पदों तक सीमित नहीं है। कई स्थानों पर प्राचार्यों को भी अतिरिक्त जिम्मेदारियां सौंपकर विभागीय कामकाज चलाया जा रहा है। इससे नियमित पदों पर पदस्थापना की जरूरत और अधिक महसूस की जा रही है।

हालांकि, हाल के महीनों में प्राचार्य पद पर पदोन्नति और पदस्थापना की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया है तथा पदोन्नत प्राचार्यों की काउंसलिंग भी आयोजित की गई है। 

पदोन्नति प्रक्रिया जल्द पूरी होने की उम्मीद

शिक्षा विभाग में लंबे समय से लंबित पदोन्नति और पदस्थापना की प्रक्रिया पूरी होने से वरिष्ठ अधिकारियों की कमी दूर हो सकती है। इससे प्रभार के भरोसे चल रहे पदों पर नियमित अधिकारियों की नियुक्ति का रास्ता भी साफ होगा।

विभागीय स्तर पर पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर वरिष्ठता सूची और रिक्त पदों से संबंधित प्रक्रियाएं आगे बढ़ रही हैं। अब कर्मचारियों और अधिकारियों की नजर इस बात पर है कि उच्च पदों पर नियमित पदस्थापना कब तक पूरी होती है।

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