रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में साइबर ठगों ने एक बुजुर्ग को अपना शिकार बनाते हुए उनके खाते से 5 लाख रुपये पार कर दिए। ठगी का यह नया तरीका 'सीनियर सिटीजन कार्ड' (Senior Citizen Card) बनवाने के नाम पर अपनाया गया। ठगों ने बुजुर्ग को झांसा दिया कि सरकारी योजना के तहत उनका कार्ड अपडेट होना है और इसके लिए उन्हें एक मोबाइल एप्लिकेशन डाउनलोड करनी होगी। जैसे ही बुजुर्ग ने ठगों द्वारा भेजी गई APK फाइल को इंस्टॉल कर ओपन किया, उनके मोबाइल का कंट्रोल हैकरों के पास चला गया और कुछ ही मिनटों में उनके बैंक खाते से जमा पूंजी साफ हो गई।
जानकारी के अनुसार, ठगों ने खुद को सरकारी विभाग का अधिकारी बताकर पीड़ित से संपर्क किया था। उन्होंने एक लिंक के जरिए APK फाइल भेजी और कहा कि इसी ऐप के माध्यम से कार्ड की प्रक्रिया पूरी होगी। दरअसल, इस तरह की फाइलें मैलवेयर (Malware) से लैस होती हैं, जो फोन में इंस्टॉल होते ही ओटीपी (OTP) और बैंकिंग पासवर्ड तक ठगों की पहुंच बना देती हैं। पीड़ित को जब तक मोबाइल पर आए डेबिट मैसेज से ट्रांजैक्शन का पता चला, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
रायपुर साइबर पुलिस ने मामले की शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों, विशेषकर बुजुर्गों से अपील की है कि वे अनजान नंबरों से आए किसी भी लिंक या APK फाइल को क्लिक न करें। किसी भी सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट या संबंधित कार्यालय का ही रुख करें। पुलिस अब उन बैंक खातों को ट्रेस करने की कोशिश कर रही है जिनमें ठगी की रकम ट्रांसफर की गई है। इस घटना ने एक बार फिर साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूकता की कमी को उजागर किया है।








