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रायपुर केंद्रीय जेल में बंदियों के लिए स्वास्थ्य शिविर: विशेषज्ञ डॉक्टरों ने की जांच, जेल प्रशासन की मानवीय पहल...

छत्तीसगढ़ की राजधानी स्थित रायपुर केंद्रीय जेल में जेल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में एक वृहद निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य जेल में निरुद्ध बंदियों की शारीरिक और मानसिक सेहत का आकलन करना था। जेल अधीक्षक के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में कैदियों ने अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को विशेषज्ञों के सामने रखा।

शिविर में जिला चिकित्सालय और मेकाहारा (Mekahara) के विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक बड़ी टीम पहुंची थी। इसमें नेत्र रोग, चर्म रोग, दंत रोग और सामान्य चिकित्सा के विशेषज्ञों के साथ-साथ मनोवैज्ञानिक भी शामिल थे। कैदियों की ब्लड प्रेशर, शुगर और अन्य संक्रामक रोगों की गहन जांच की गई। कई बंदियों में सामान्य मौसमी बीमारियों के लक्षण पाए गए, जिन्हें मौके पर ही परामर्श और उपचार दिया गया।
स्वास्थ्य जांच के साथ-साथ जेल प्रशासन ने कैदियों को निःशुल्क दवाइयां भी वितरित कीं। डॉक्टरों ने कैदियों को व्यक्तिगत स्वच्छता (Personal Hygiene) के महत्व के बारे में जानकारी दी और जेल की बैरकों में साफ-सफाई बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। विशेष रूप से चर्म रोगों से बचाव के लिए कैदियों को नियमित रूप से धूप लेने और स्वच्छ कपड़े पहनने की सलाह दी गई।
मानसिक स्वास्थ्य पर केंद्रित सत्र के दौरान मनोवैज्ञानिकों ने कैदियों से संवाद किया। लंबे समय तक जेल में रहने के कारण होने वाले तनाव और अवसाद को दूर करने के लिए उन्हें योग और ध्यान (Meditation) अपनाने का सुझाव दिया गया। जेल प्रशासन ने बताया कि इस तरह के शिविर समय-समय पर आयोजित किए जाते हैं ताकि बंदियों को समय पर उपचार मिल सके और गंभीर बीमारियों को समय रहते पहचाना जा सके।
जेल अधीक्षक ने इस सफल आयोजन के लिए स्वास्थ्य विभाग का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बंदी भी समाज का हिस्सा हैं और उनके मानवाधिकारों के तहत बेहतर स्वास्थ्य सुविधा पाना उनका अधिकार है। इस मानवीय पहल की स्थानीय प्रशासन और सामाजिक संगठनों ने भी सराहना की है, क्योंकि यह जेल सुधार की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।







