Raipur: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक सकारात्मक और प्रेरणादायक खबर सामने आई है। रायपुर सेंट्रल जेल का ‘आस्था कैफे’ (Aastha Cafe) अब एक ब्रांड के रूप में पहचान बना रहा है, जहां बंदियों द्वारा तैयार किए गए उत्पाद बाजार में लोकप्रिय हो रहे हैं।
जेल प्रशासन के इस अनोखे प्रयास के तहत बंदियों को स्वरोजगार (self employment) और कौशल विकास (skill development) से जोड़ा जा रहा है। यहां तैयार होने वाले नमकीन और मिक्सचर को अब भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI approval) की मंजूरी मिल गई है, जिससे इन उत्पादों की गुणवत्ता पर मुहर लग गई है।
इस पहल का उद्देश्य बंदियों को सजा के साथ-साथ सुधार (rehabilitation) और आत्मनिर्भर बनने का अवसर देना है। प्रशिक्षण के जरिए उन्हें रोजगार के नए रास्ते मिल रहे हैं, जिससे जेल से बाहर आने के बाद वे समाज में सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें।
रायपुर सेंट्रल जेल की यह पहल अब अन्य राज्यों के लिए भी मिसाल बनती जा रही है। ‘आस्था कैफे’ के उत्पादों को बाजार में अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है और यह बंदियों की बदलती किस्मत (life transformation) की नई कहानी लिख रहा है।








