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Pulse Polio Campaign: आज से पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत, 5 वर्ष तक के बच्चों को पिलाई जा रही 'दो बूंद जिंदगी की'...

देशभर के साथ-साथ छत्तीसगढ़ में भी आज से पल्स पोलियो उन्मूलन अभियान का आगाज़ हो गया है। इस राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत 0 से 5 वर्ष तक की आयु के सभी बच्चों को पोलियो की खुराक दी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने इसे लेकर व्यापक तैयारियां की हैं, जिसका उद्देश्य देश की भावी पीढ़ी को इस गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखना और पोलियो मुक्त भारत के संकल्प को और अधिक सुदृढ़ करना है।

टीकाकरण केंद्रों की व्यवस्था
अभियान के पहले दिन आज स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, अस्पतालों और प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर विशेष पोलियो बूथ बनाए गए हैं। सुबह से ही पालकों में उत्साह देखा जा रहा है और वे अपने बच्चों को लेकर केंद्रों पर पहुँच रहे हैं। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और हवाई अड्डों जैसे संवेदनशील स्थानों पर भी ट्रांजिट टीमें तैनात की गई हैं, ताकि यात्रा कर रहे बच्चों को भी वैक्सीन की खुराक पिलाई जा सके।
जो बच्चे आज किसी कारणवश बूथ तक नहीं पहुँच पाएंगे, उनके लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें कल से 'डोर-टू-डोर' अभियान चलाएंगी। स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी बच्चा टीका लगने से न छूटे। इस कार्य में एएनएम, मितानिन और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। विभाग ने अपील की है कि अभिभावक आगे आएं और अपने बच्चों को पोलियो रोधी खुराक पिलाकर सुरक्षा चक्र प्रदान करें।
सरकार की अपील
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भले ही भारत को पोलियो मुक्त घोषित किया जा चुका है, लेकिन पड़ोसी देशों में बढ़ते मामलों को देखते हुए सतर्कता बरतना अनिवार्य है। अधिकारियों का कहना है कि पोलियो का वायरस कभी भी फिर से सक्रिय हो सकता है, इसलिए नियमित अंतराल पर यह टीकाकरण अभियान चलाया जाता है। सुरक्षित भविष्य के लिए "दो बूंद जिंदगी की" हर बच्चे के लिए जरूरी है।







