नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी इसरो द्वारा सोमवार 12 जनवरी को साल 2026 की पहली लॉन्चिंग की गई। इसरो के पीएसएलवी सी62/ई मिशन को श्री हरिकोटा से सुबह 10 बजकर 17 मिनट के करीब लॉन्च किया गया। इस मिशन में एक अर्थ ऑब्ज़र्वेशन सैटेलाइट और कई कमर्शियल पेलोड थे। लॉन्चिंग के बाद तीसरे स्टेज के दौरान यान को एक गड़बड़ी का सामना करना पड़ा। अब इसरो की ओर से इस मिशन के असफल होने के बारे में जानकारी साझा की गई है। आइए जानते हैं कि संगठन ने इस बारे में क्या बताया है।
इसरो की ओर से 44.4 मीटर लंबा चार-स्टेज वाला रॉकेट सुबह 10.18 बजे तय समय पर लॉन्च किया गया था। इस पीएसएलवी सी62 मिशन का मकसद एक प्राइमरी अर्थ ऑब्ज़र्वेशन सैटेलाइट और कई को-पैसेंजर सैटेलाइट्स को 512 किमी के सन-सिंक्रोनस ऑर्बिट में स्थापित करना था। सामने आई जानकारी के मुताबिक, मिशन के पहले दो स्टेज ने बिल्कुल सही काम किया। हालांकि, तीसरे स्टेज के आखिर में अंतरिक्ष यान में गड़बड़ी की बात सामने आई।
इसरो के चेयरमैन वी नारायणन ने सोमवार को पीएसएलवी सी62 मिशन में आई गड़बड़ी के बारे में जानकारी दी है। उन्होंने मिशन कंट्रोल सेंटर में टीम को संबोधित किया और बताया- "पीएसएलवी एक चार-स्टेज वाला यान है। इसमें दो सॉलिड स्टेज और दो लिक्विड स्टेज होते हैं। तीसरे स्टेज के आखिर तक इसरो के यान ने उम्मीद के मुताबिक काम किया। हालांकि, तीसरे स्टेज के आखिी समय के दौरान यान में अधिक गड़बड़ी देखने को मिली और इसके बाद, उड़ान के रूट में एक बदलाव देखा गया।"








