Breaking
- नक्सलवाद के अंधेरे से निकलकर विकास की नई इबारत लिख रहा छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्र...
- Swine Flu Alert: छत्तीसगढ़ में 24 घंटे में H1N1 के 10 नए केस, संक्रमितों का आ...
- Accident: तेज रफ्तार माजदा ने श्रद्धालुओं से भरी पिकअप को मारी टक्कर, 2 की मौ...
- शराब के नशे में घर लौटे भतीजे को मौसी ने लगाई फटकार, डंडे से हमला कर कर दी हत्या
- Cow Protection: बारिश में गौवंश की सुरक्षा को लेकर महापौर सख्त, फुंडहर गौधाम ...
- Cow Shelter Inspection: रायपुर के फुण्डहर और गोकूल नगर गोधाम पहुंचे आयुक्त, व...
- Women Empowerment: महतारी वंदन से जशपुर की महिलाओं को मिला आर्थिक संबल, आत्मन...
- जशपुर में आधुनिक फुटबॉल स्टेडियम के निर्माण के लिए 5.49 करोड़ रुपये की प्रशास...
- मुख्यमंत्री की मौजूदगी में पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय और सीएमडीसी के म...
- TIN पोर्टल खनिज संसाधनों को जनजातीय आजीविका से जोड़ने वाली ‘मिनरल-टू-लाइवलीहु...
विरोध प्रदर्शन: बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पर "बीजेपी एजेंट" टिप्पणी से आक्रोश, युवा मोर्चा ने फूंका पुतला

छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को लेकर की गई राजनीतिक टिप्पणी के बाद तनाव बढ़ गया है। पीठाधीश्वर को "बीजेपी एजेंट" बताए जाने के विरोध में भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा (BJYM) ने जांजगीर के कचहरी चौक पर जबरदस्त प्रदर्शन किया। इस बयान को धार्मिक आस्था का अपमान बताते हुए कार्यकर्ताओं ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

विरोध प्रदर्शन के दौरान भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव (बाबा) के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने दोनों नेताओं का पुतला दहन किया और आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए संतों और धार्मिक संस्थानों पर अमर्यादित टिप्पणियां कर रहे हैं, जिसे हिंदू समाज बर्दाश्त नहीं करेगा।
प्रदर्शन स्थल पर "भूपेश बघेल मुर्दाबाद" और "टी.एस. बाबा मुर्दाबाद" के नारों से माहौल काफी गरमा गया। कार्यकर्ताओं का कहना था कि धार्मिक गुरुओं को राजनीति में घसीटना कांग्रेस की पुरानी मानसिकता का हिस्सा है। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने कचहरी चौक पर भारी पुलिस बल तैनात किया था ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। हालांकि, भारी आक्रोश के बावजूद प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
इस कार्यक्रम में भाजपा और युवा मोर्चा के कई वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हुए। भाजपा जिलाध्यक्ष अंबेश जांगड़े, युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष आकाश ठाकुर सहित रवि पाण्डेय, विकास शर्मा, पंकज अग्रवाल और राहुल सेन जैसे नेताओं ने प्रदर्शन का नेतृत्व किया। नेताओं ने संयुक्त स्वर में कहा कि यदि भविष्य में भी संतों के खिलाफ ऐसी अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया गया, तो प्रदेश स्तर पर उग्र आंदोलन किया जाएगा।
विरोध प्रदर्शन में सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय समर्थक मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि धार्मिक आस्था के केंद्रों पर राजनीतिक प्रहार करना बंद किया जाए। इस घटना ने जिले में एक बार फिर राजनीतिक सरगर्मियां तेज कर दी हैं, जिससे आने वाले दिनों में पक्ष-विपक्ष के बीच जुबानी जंग और तेज होने के आसार हैं।







-1783291154007_m.webp)