RRT News - नगर निगम प्रशासन ने संपत्ति कर (Property Tax) जमा करने की अंतिम तिथि को लेकर सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। यदि आपने अभी तक चालू वित्त वर्ष का अपना संपत्ति कर जमा नहीं किया है, तो आपके पास 30 अप्रैल तक का ही समय शेष है। इस समय सीमा के भीतर भुगतान न करने पर कर दाताओं को न केवल भारी वित्तीय दंड भुगतना होगा, बल्कि नगर निगम द्वारा दंडात्मक कार्रवाई का सामना भी करना पड़ सकता है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि समय सीमा समाप्त होने के बाद किसी भी प्रकार की रियायत नहीं दी जाएगी।
17 प्रतिशत सरचार्ज का लगेगा बड़ा झटका
निर्धारित समय यानी 30 अप्रैल के बाद टैक्स जमा करने वालों पर 17 प्रतिशत की दर से सरचार्ज (अधिभार) वसूला जाएगा। यह पेनल्टी उन लोगों पर भारी पड़ेगी जिनका टैक्स लंबे समय से बकाया है। निगम का लक्ष्य वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक शत-प्रतिशत राजस्व वसूली करना है। इस भारी भरकम पेनल्टी से बचने का एकमात्र तरीका यही है कि नागरिक डिजिटल प्लेटफॉर्म या निर्धारित केंद्रों के माध्यम से तत्काल अपने बकाया करों का निपटान करें।
कुर्की और सीलबंदी की तैयारी में निगम
केवल आर्थिक जुर्माना ही नहीं, बल्कि निगम ने बड़े बकायेदारों के खिलाफ कुर्की और सीलबंदी की तैयारी भी पूरी कर ली है। जिन संपत्तियों का टैक्स कई वर्षों से बकाया है और नोटिस के बावजूद भुगतान नहीं किया जा रहा है, उन्हें निगम द्वारा सील किया जाएगा। प्रशासन ने विशेष टीमों का गठन किया है जो वार्ड स्तर पर जाकर डिफाल्टरों की सूची के आधार पर कार्रवाई करेंगी। संपत्तियों की कुर्की की प्रक्रिया शुरू होने से बड़े कर दाताओं में हड़कंप मचा हुआ है।
राजस्व वसूली के लिए कड़े कदम
नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि शहर के विकास कार्यों के लिए समय पर राजस्व की प्राप्ति आवश्यक है। इसी उद्देश्य से बकाया वसूली अभियान को तेज किया गया है। निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे अंतिम दिनों की भीड़भाड़ से बचने के लिए जल्द से जल्द टैक्स जमा करें। जो लोग ऑनलाइन भुगतान करने में सक्षम हैं, वे पोर्टल का उपयोग कर सकते हैं, अन्यथा ऑफलाइन काउंटर भी आपकी सहायता के लिए खुले हैं। याद रखें, 30 अप्रैल के बाद की देरी आपकी जेब पर भारी पड़ सकती है।








