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प्रोजेक्ट संकल्प' से संवर रहा छत्तीसगढ़ के आश्रम-छात्रावासों का भविष्य: प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने सराहा...

छत्तीसगढ़ शासन के आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने 'प्रोजेक्ट संकल्प' के क्रियान्वयन को लेकर प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि इस विशेष पहल के माध्यम से राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में स्थित आश्रम और छात्रावासों में रहने वाले बच्चों के शैक्षणिक स्तर और जीवन कौशल में क्रांतिकारी बदलाव आ रहा है। यह प्रोजेक्ट न केवल बच्चों की शिक्षा, बल्कि उनके सर्वांगीण विकास और बेहतर भविष्य की नींव रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।

प्रमुख सचिव श्री बोरा ने हाल ही में विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान बताया कि 'प्रोजेक्ट संकल्प' के तहत छात्रावासों की आधारभूत संरचना को मजबूत किया गया है। बच्चों को गुणवत्तापूर्ण कोचिंग, डिजिटल लर्निंग और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विशेष मार्गदर्शन दिया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के प्रतिभावान विद्यार्थियों को वे सभी सुविधाएं उपलब्ध कराना है, जो आमतौर पर बड़े शहरों के निजी संस्थानों में मिलती हैं।
इस प्रोजेक्ट की सफलता का एक बड़ा श्रेय नियमित मॉनिटरिंग और फीडबैक सिस्टम को जाता है। प्रमुख सचिव ने निर्देश दिए हैं कि छात्रावासों में सुरक्षा, स्वच्छता और पोषण का विशेष ध्यान रखा जाए। प्रोजेक्ट के माध्यम से शिक्षकों और वार्डनों को भी प्रशिक्षित किया जा रहा है ताकि वे बच्चों के साथ भावनात्मक रूप से जुड़कर उनकी समस्याओं का समाधान कर सकें। श्री बोरा ने स्वयं कई केंद्रों का दौरा कर बच्चों से संवाद किया और उनके शैक्षणिक प्रदर्शन पर संतोष जताया।
उज्ज्वल भविष्य की ओर कदम
'प्रोजेक्ट संकल्प' का प्रभाव अब परिणामों में भी दिखने लगा है। आश्रमों में रहने वाले बच्चे अब राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। श्री सोनमणि बोरा ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में यह मॉडल पूरे देश के लिए एक उदाहरण बनेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस प्रोजेक्ट का विस्तार उन क्षेत्रों तक भी किया जाए जहाँ संसाधनों की कमी है, ताकि हर वंचित बच्चे को आगे बढ़ने का समान अवसर मिल सके।







