भोपाल: मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड का दौर जारी है और आने वाले दिनों में यह और तेज होने वाला है। मौसम विभाग ने 5 या 6 दिसंबर से प्रदेश में शीतलहर का अलर्ट जारी कर दिया है। इसका मुख्य कारण 5 दिसंबर से सक्रिय होने वाला नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) है, जो हिमालयी क्षेत्रों को प्रभावित करेगा और वहाँ भारी बर्फबारी कराएगा। इस बर्फबारी के बाद, उत्तर से आने वाली बर्फीली हवाओं का सीधा असर मध्य प्रदेश में दिखाई देगा। आशंका है कि आज से ही रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की और गिरावट दर्ज की जा सकती है।
पारा 10 डिग्री से नीचे, इंदौर रहा सबसे ठंडा
प्रदेश के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान लगातार गिर रहा है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। भोपाल, इंदौर समेत 6 जिलों में पारा 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। पांच बड़े शहरों में इंदौर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 8.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। अन्य प्रमुख शहरों में भोपाल में 9.4 डिग्री, ग्वालियर और उज्जैन में 12 डिग्री, जबकि जबलपुर में 11.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा।
पचमढ़ी में रिकॉर्ड सर्दी, 6.8 डिग्री तापमान
कड़ाके की ठण्ड का असर प्रदेश के पर्यटक स्थलों और अन्य जिलों में भी तेज़ी से बढ़ा है। प्रदेश के हिल स्टेशन पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 6.8 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे ठंडा स्थान रहा। राजगढ़ में 8.2 डिग्री, जबकि रीवा और नौगांव में तापमान 9.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा, शिवपुरी, बैतूल, खजुराहो, खंडवा, दतिया और छिंदवाड़ा जैसे कई अन्य जिलों में भी पारा 12 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है, जिससे ठिठुरन बढ़ गई है।








