RRT News- रायपुर पुलिस की एक टीम को उस समय भारी फजीहत का सामना करना पड़ा, जब वे ठगी के एक बड़े मामले में आरोपी को गिरफ्तार करने असम के गुवाहाटी पहुंचे। छत्तीसगढ़ से गई पुलिस टीम को स्थानीय असम पुलिस ने ही हिरासत में ले लिया। यह घटना तब हुई जब रायपुर की टीम आरोपी की तलाश में गुवाहाटी के एक इलाके में दबिश दे रही थी। बताया जा रहा है कि राज्यों की पुलिस के बीच समन्वय की कमी या प्रक्रियात्मक चूक के कारण असम पुलिस ने रायपुर के पुलिसकर्मियों को संदिग्ध मानकर उन्हें करीब 24 घंटे तक अपनी हिरासत में रखा।
इस पूरे मामले ने दो राज्यों की पुलिस प्रणाली के बीच संवादहीनता को उजागर कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, रायपुर पुलिस की टीम बिना स्थानीय थाने को पुख्ता सूचना दिए या ट्रांजिट रिमांड की कानूनी औपचारिकताएं पूरी किए बिना ही कार्रवाई करने पहुंच गई थी। जैसे ही रायपुर पुलिस ने आरोपी को पकड़ने की कोशिश की, वहां हंगामा हो गया और गुवाहाटी पुलिस ने हस्तक्षेप करते हुए छत्तीसगढ़ के जवानों को ही थाने में बैठा लिया। इसकी सूचना मिलते ही रायपुर के उच्च अधिकारियों ने गुवाहाटी पुलिस और असम के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क साधा।
लगभग 24 घंटे तक चली लंबी कानूनी प्रक्रिया और दोनों राज्यों के आला अधिकारियों के बीच हुए हस्तक्षेप के बाद रायपुर पुलिस की टीम को रिहा किया गया। हालांकि, इस विवाद के कारण जिस मुख्य आरोपी को पकड़ने टीम गई थी, उसे पकड़ने में देरी हुई या वह भागने में सफल रहा, इस पर अभी सस्पेंस बना हुआ है। रिहाई के बाद टीम अब रायपुर वापस लौट रही है। रायपुर एसएसपी ने इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है ताकि भविष्य में अंतर-राज्यीय गिरफ्तारी के दौरान ऐसी स्थितियों से बचा जा सके।







