RRT News- लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक (131वां संशोधन) के पारित न हो पाने के अगले ही दिन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन में विपक्ष पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और सपा जैसे विपक्षी दलों को सीधे तौर पर "संविधान और महिला सशक्तिकरण का गुनहगार" करार दिया।
"विपक्ष ने की सपनों की भ्रूण हत्या"
प्रधानमंत्री ने अपने 30 मिनट के संबोधन में कहा कि सरकार के सर्वश्रेष्ठ प्रयासों के बावजूद विपक्ष ने इस बिल को पारित नहीं होने दिया। उन्होंने बहुत ही भावुक लहजे में कहा, "यह केवल एक बिल की हार नहीं है, बल्कि यह देश की नारी शक्ति के सपनों की 'भ्रूण हत्या' है।" पीएम ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने जानबूझकर परिसीमन (Delimitation) के मुद्दे पर झूठ फैलाया और देश को बांटने वाली राजनीति की, जो उन्हें अंग्रेजों से विरासत में मिली है।
"बहन-बेटियां अब जवाब देंगी"
विपक्ष को सीधी चुनौती देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वे इस बात को भूल रहे हैं कि 21वीं सदी की महिलाएं देश की हर घटना पर नजर रख रही हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा:
"महिला आरक्षण का विरोध करके जो पाप इन दलों ने किया है, उसकी उन्हें सजा जरूर मिलेगी। मुझे विश्वास है कि देश की सभी बहन-बेटियां कांग्रेस और उसके सहयोगियों को इसका करारा जवाब देंगी।"
"कांग्रेस एक 'एंटी-रिफॉर्म' पार्टी"
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस को "एंटी-रिफॉर्म" (सुधार विरोधी) करार देते हुए कहा कि कांग्रेस के डीएनए में ही विकास को रोकना, अटकाना और भटकाना है। उन्होंने कहा कि उन्होंने सदन में भी यह कहा था कि वे इस बिल का सारा श्रेय विपक्ष को देने के लिए तैयार हैं, बस वे महिलाओं को उनका हक मिल जाने दें, लेकिन विपक्ष अपने संकीर्ण राजनीतिक स्वार्थों के चलते नहीं माना।
"प्रयास नहीं रुकेंगे"
संबोधन के अंत में पीएम मोदी ने देश की माताओं और बहनों को विश्वास दिलाया कि वे हताश नहीं हैं। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण के रास्ते में आने वाली हर रुकावट को सरकार खत्म करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़े। उन्होंने कहा कि हमारा आत्मबल अजेय है और यह लड़ाई जारी रहेगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पीएम मोदी का यह संबोधन महिला वोट बैंक को सीधे संबोधित करने और आगामी राजनीतिक चुनौतियों में विपक्ष को घेरने की एक बड़ी रणनीति का हिस्सा है।







