छत्तीसगढ़ में जिला खनिज न्यास (DMF) फंड में हुए बड़े भ्रष्टाचार को लेकर आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। करीब 5,000 पन्नों के इस विस्तृत आरोप पत्र में खुलासा किया गया है कि कैसे खनन प्रभावित क्षेत्रों और आदिवासियों के विकास के लिए आने वाले पैसे को अफसरों और ठेकेदारों ने मिलकर लूटा। इस पूरे खेल को एक सोचे-समझे सिंडिकेट के जरिए अंजाम दिया जा रहा था।
जांच एजेंसी के मुताबिक, इस महाघोटाले में शीर्ष प्रशासनिक पदों पर बैठे आईएएस (IAS) अधिकारियों, रसूखदार बिचौलियों और चहेते कारोबारियों का एक मजबूत गठजोड़ काम कर रहा था। टेंडर के नियमों और शर्तों को जानबूझकर इस तरह बदला गया जिससे केवल इस सिंडिकेट से जुड़े लोगों को ही सरकारी ठेके मिल सकें। इसके बदले में करोड़ों रुपये का एडवांस कमीशन वसूला गया और उसे ऊंचे पदों पर बैठे लोगों तक पहुंचाया गया।
EOW और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की इस संयुक्त कार्रवाई के बाद कई आरोपी अधिकारी और बिचौलिया पहले से ही कानून के शिकंजे में हैं। कोर्ट में इतनी बड़ी चार्जशीट पेश होने के बाद अब इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य आरोपियों पर भी शिकंजा कसना तय माना जा रहा है। सरकार ने भी साफ किया है कि जनता के हक के पैसे में भ्रष्टाचार करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।







