RRT News- नगर पंचायत समोदा में विकास कार्य पूरी तरह से ठप पड़ गए हैं, जिसका सीधा असर आम जनता की दिनचर्या पर पड़ रहा है। शहर में सड़क, नाली, सफाई, पेयजल और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं बुरी तरह प्रभावित हो गई हैं। स्थिति यह है कि पिछले कई महीनों से क्षेत्र में कोई भी नया काम शुरू नहीं हो सका है, और जो प्रोजेक्ट पहले से चल रहे थे, वे भी अधूरे पड़े हुए हैं। ठप पड़े इन विकास कार्यों के कारण स्थानीय व्यापारियों और आम नागरिकों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे लोगों में व्यवस्था के प्रति भारी आक्रोश पनप रहा है।
इस पूरे मामले में सबसे गंभीर बात यह है कि विपक्ष के साथ-साथ सत्ता पक्ष के पार्षद भी अपनी ही सरकार और प्रशासन की कार्यशैली से बेहद नाराज चल रहे हैं। पार्षदों का सीधा आरोप है कि विकास कार्यों के लिए बार-बार मांग करने और ज्ञापन सौंपने के बावजूद कोई फंड जारी नहीं किया जा रहा है। इसके अलावा, जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा उनकी समस्याओं की कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। चुनाव के दौरान किए गए बड़े-बड़े वादे अब खोखले साबित हो रहे हैं और धरातल पर कोई काम नजर नहीं आ रहा है, जिससे जनप्रतिनिधियों को जनता के तीखे सवालों का सामना करना पड़ रहा है।
क्षेत्र में बढ़ते असंतोष और ठप पड़े विकास को देखते हुए नगर पंचायत समोदा के पूर्व अध्यक्ष आजूराम वंशे ने प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने मांग की है कि रुके हुए विकास कार्यों को तत्काल प्रभाव से शुरू कराया जाए और लंबित फंड को तुरंत जारी किया जाए। पूर्व अध्यक्ष ने स्पष्ट कहा है कि पार्षदों और जनता की समस्याओं को सुनकर इसका समयबद्ध तरीके से समाधान निकाला जाना चाहिए। उन्होंने अल्टीमेटम दिया है कि यदि जल्द ही इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो नगर पंचायत के सभी पार्षद और आम जनता एकजुट होकर उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।







