इस्लामाबाद/काबुल: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच डूरंड लाइन (Durand Line) पर तनाव चरम पर पहुंच गया है। दोनों देशों की सेनाओं के बीच सीमा के दोनों तरफ से भारी गोलाबारी और मोर्टार हमले हो रहे हैं। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक कड़ा बयान जारी करते हुए कहा है कि अब संयम की सीमा समाप्त हो चुकी है और पाकिस्तान अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए "खुली जंग" (Full-scale War) के लिए तैयार है। यह बयान तब आया है जब पाकिस्तानी सेना ने दावा किया कि अफगान धरती का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों के लिए किया जा रहा है, जबकि तालिबान सरकार ने पाकिस्तानी हवाई हमलों को अपनी क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन बताया है।
सीमावर्ती क्षेत्रों जैसे कि खैबर पख्तूनख्वा (KPK) और चमन बॉर्डर पर स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तानी आर्टिलरी ने अफगानिस्तान के अंदर संदिग्ध आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया है, जिसके जवाब में अफगान सीमा बलों ने पाकिस्तानी चौकियों पर भारी फायरिंग की है। इस गोलाबारी में दोनों तरफ के सैनिकों और आम नागरिकों के हताहत होने की खबरें मिल रही हैं। हजारों ग्रामीण अपनी जान बचाने के लिए सीमावर्ती गांवों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तनाव के पीछे तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) का मुद्दा सबसे प्रमुख है। पाकिस्तान का आरोप है कि अफगान तालिबान TTP को पनाह दे रहा है, जो पाकिस्तान में लगातार आतंकी हमले कर रहे हैं। दूसरी ओर, तालिबान इन आरोपों को सिरे से खारिज करता रहा है। रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के "खुली जंग" वाले बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय, विशेषकर चीन और अमेरिका की नजरें इस क्षेत्र पर टिकी हैं। यदि यह संघर्ष बढ़ता है, तो पूरे मध्य एशिया की सुरक्षा व्यवस्था खतरे में पड़ सकती है।








