छत्तीसगढ़ में धान खरीदी को लेकर किसानों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। ऑनलाइन टोकन न मिलने की समस्या से जूझ रहे किसानों को अब एक और झटका लगा है। कई खरीदी केंद्रों पर ऑफलाइन टोकन देना भी बंद कर दिया गया है, जिससे धान बेचने की प्रक्रिया लगभग ठप हो गई है। हालात से नाराज किसानों ने अब तालाबंदी और बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।
क्या है पूरा मामला
राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए टोकन प्रणाली लागू है, लेकिन बड़ी संख्या में किसान अब तक टोकन नहीं ले पाए हैं। ऑनलाइन टोकन सीमित होने के कारण अधिकांश किसानों को मौका नहीं मिल रहा था। किसानों को राहत देने के लिए पहले ऑफलाइन टोकन दिए जा रहे थे, लेकिन अब कई समितियों में वह व्यवस्था भी बंद कर दी गई है।
किसानों की परेशानी
किसानों का कहना है कि
धान घरों और खलिहानों में रखा हुआ है
खरीदी की अंतिम तिथि नजदीक है
न तो ऑनलाइन टोकन मिल रहा है और न ही ऑफलाइन
आर्थिक तंगी बढ़ती जा रही है
कई किसान कर्ज लेकर खेती करते हैं और समय पर धान न बिकने से उनकी स्थिति और खराब होती जा रही है।
आंदोलन की चेतावनी
किसान संगठनों ने साफ शब्दों में कहा है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो
खरीदी केंद्रों में तालाबंदी
जिला मुख्यालयों में प्रदर्शन
सड़क जाम और बड़े आंदोलन
जैसे कदम उठाए जाएंगे।
प्रशासन की स्थिति
प्रशासन का कहना है कि व्यवस्था को दुरुस्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन ज़मीनी स्तर पर किसानों को राहत नहीं मिल पा रही है। अधिकारियों के दावे और किसानों की हकीकत के बीच बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है।
उठते सवाल
क्या सभी पंजीकृत किसानों का धान खरीदा जाएगा?
क्या खरीदी की समय-सीमा बढ़ाई जाएगी?
क्या सरकार टोकन व्यवस्था में बदलाव करेगी?
फिलहाल धान खरीदी को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है और किसानों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।








