ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के निवेशकों के लिए बुरी खबरों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। दिग्गज विदेशी ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सैक्स (Goldman Sachs) ने कंपनी के शेयरों की रेटिंग घटा दी है, जिसके बाद इसके टारगेट प्राइस में 50% की भारी कटौती की गई है। ब्रोकरेज ने अब ओला इलेक्ट्रिक के लिए 'न्यूट्रल' रेटिंग देते हुए नया टारगेट प्राइस 26 रुपये तय किया है, जो इसके पिछले टारगेट 52 रुपये से आधा है।
रिपोर्ट के अनुसार, गोल्डमैन सैक्स ने वित्त वर्ष 2026 से 2028 के लिए कंपनी के रेवेन्यू अनुमानों को कम कर दिया है। ब्रोकरेज का मानना है कि साल 2030 तक कंपनी की बाजार हिस्सेदारी उम्मीद से कम रह सकती है। कमजोर ग्रोथ आउटलुक और बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण कंपनी के भविष्य की संभावनाओं पर सवाल खड़े हो रहे हैं, जिसका सीधा असर इसके स्टॉक की परफॉरमेंस पर दिख रहा है।
कंपनी की वित्तीय स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए ब्रोकरेज ने कहा है कि मौजूदा EBITDA लॉस और भारी खर्चों (Capex) के कारण ओला का कैश बर्न काफी अधिक बना रहेगा। ऐसी स्थिति में कंपनी को अगले 12 से 18 महीनों के भीतर नई फंडिंग या फंड जुटाने की सख्त जरूरत पड़ सकती है। इसके अलावा, सर्विस नेटवर्क की अस्थिरता और सीनियर लीडरशिप में कमी को भी बड़ी चुनौती माना जा रहा है।
बाजार के आंकड़ों पर नजर डालें तो ओला इलेक्ट्रिक का शेयर अपने 157 रुपये के ऑल-टाइम हाई से करीब 84% तक गिर चुका है। यह अपने IPO प्राइस 76 रुपये से भी 66% नीचे कारोबार कर रहा है। वर्तमान में किसी भी बड़े एनालिस्ट ने इस स्टॉक को 'बाय' (खरीदने) की रेटिंग नहीं दी है, जबकि अधिकांश ने इसे बेचने या होल्ड करने की सलाह दी है।








