छत्तीसगढ़ के उत्तरी क्षेत्र (सरगुजा संभाग और आस-पास के जिलों) में पिछले दो दिनों से सूरज के तेवर बेहद आक्रामक बने हुए हैं। आसमान पूरी तरह साफ होने के कारण धूप की तपिश सीधे जमीन पर पड़ रही है। इसके साथ ही, राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों से आ रही गर्म पश्चिमी हवाओं (लू) के थपेड़ों ने पूरे उत्तर छत्तीसगढ़ को भट्टी की तरह तपा दिया है। क्षेत्र में पिछले 48 घंटों से अधिकतम तापमान लगातार 42 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, जिससे सुबह 10 बजे के बाद से ही लोगों का घरों से निकलना दूभर हो गया है।
अगले 5 दिनों तक राहत नहीं, मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, वर्तमान में कोई भी मजबूत मौसमी सिस्टम सक्रिय नहीं होने के कारण आने वाले दिनों में गर्मी से राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। मौसम विभाग ने आगामी पांच दिनों के लिए क्षेत्र में 'हीटवेव' (Heatwave Alert) की चेतावनी जारी की है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इस अवधि के दौरान शुष्क हवाओं के प्रभाव से अधिकतम तापमान में 1 डिग्री सेल्सियस तक की और बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है, जिससे पारा 43 डिग्री या उससे ऊपर जा सकता है।
दोपहर में सफर से बचने और एहतियात बरतने की सलाह
लगातार बढ़ रही इस भीषण गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी किया है। डॉक्टरों ने विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच सीधे धूप के संपर्क में आने से बचने की सलाह दी है। इसके साथ ही, हीट स्ट्रोक (डिहाइड्रेशन) से बचाव के लिए लोगों को हल्के सूती कपड़े पहनने, सिर ढककर बाहर निकलने और पर्याप्त मात्रा में पानी, ओआरएस घोल या छाछ जैसे तरल पदार्थों का सेवन जारी रखने के लिए कहा गया है।







