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भारत-कतर के बीच सांस्कृतिक सेतु: NMACC और कतर म्यूजियम्स ने मिलाया हाथ, एजुकेशन और आर्ट के क्षेत्र में शुरू होगा नया अध्याय...

EDUCATION 23 December 2025

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कला और शिक्षा के क्षेत्र में भारत और कतर के संबंधों को एक नई दिशा मिली है। मुंबई स्थित 'नीता मुकेश अंबानी सांस्कृतिक केंद्र' (NMACC) और 'कतर म्यूजियम्स' ने एक महत्वपूर्ण रणनीतिक समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य 'म्यूजियम-इन-रेजिडेंस' (Museum-in-Residence) आधारित शिक्षा मॉडल को विकसित करना है। यह पहल छात्रों और कला प्रेमियों को दोनों देशों की समृद्ध विरासत और आधुनिक कला को गहराई से समझने का वैश्विक मंच प्रदान करेगी।

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इस समझौते के तहत, 'म्यूजियम-इन-रेजिडेंस' आधारित शिक्षा कार्यक्रम (TEDU) शुरू किया जाएगा। इसके जरिए कतर और भारत के कला विशेषज्ञ, क्यूरेटर और शिक्षक एक-दूसरे के संस्थानों में जाकर ज्ञान साझा करेंगे। छात्रों के लिए विशेष वर्कशॉप, एक्सचेंज प्रोग्राम और डिजिटल लर्निंग मॉड्यूल तैयार किए जाएंगे। यह मॉडल किताबी ज्ञान से हटकर संग्रहालयों की कलाकृतियों और ऐतिहासिक कहानियों के माध्यम से व्यावहारिक शिक्षा देने पर केंद्रित है।

रिलायंस फाउंडेशन की चेयरपर्सन श्रीमती नीता अंबानी और कतर म्यूजियम्स की चेयरपर्सन हर एक्सीलेंसी शेखा अल-मयासा बिंत हमद बिन खलीफा अल-थानी के नेतृत्व में यह गठबंधन हुआ है। दोनों ही हस्तियां कला को समुदायों को जोड़ने और युवाओं को प्रेरित करने का सशक्त माध्यम मानती हैं। इस समझौते से भारत और कतर के बीच सांस्कृतिक कूटनीति (Cultural Diplomacy) को मजबूती मिलेगी और दोनों देशों के युवाओं के लिए शिक्षा के नए अवसर खुलेंगे।

NMACC ने अपनी स्थापना के बाद से ही वैश्विक कलाकारों और कला रूपों को भारत में मंच दिया है। कतर म्यूजियम्स के साथ यह जुड़ाव इस दिशा में एक बड़ा कदम है। आने वाले समय में, इस साझेदारी के माध्यम से दोनों देशों में संयुक्त प्रदर्शनियाँ (Exhibitions) और अनुसंधान परियोजनाएं भी शुरू की जाएंगी। इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि भविष्य के कलाकारों और इतिहासकारों के लिए एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र तैयार होगा।

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