रायपुर। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के सुदूर वनांचल में बसे ग्राम मोहन्दी और मसपुर के ग्रामीणों के लिए वर्ष 2026 नई उम्मीद लेकर आया है। दशकों तक लालटेन और ढिबरी की रोशनी में जीवन बिताने वाले इन आदिवासी बहुल गांवों में अब पहली बार बिजली पहुंच गई है। राज्य सरकार की 'नियद नेल्लानार (आपका अच्छा गांव) योजना' के तहत इन दुर्गम क्षेत्रों में विद्युत सुविधा उपलब्ध कराकर विकास की नई शुरुआत की गई है।
घने जंगल, ऊंची पहाड़ियां और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद जिला प्रशासन और छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) ने विद्युत लाइन विस्तार का कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया। कलेक्टर के मार्गदर्शन में निर्माण एजेंसी एम/एस मां शारदा ने समयसीमा के भीतर परियोजना को पूरा कर ग्रामीणों के घरों तक बिजली पहुंचाई।
योजना के तहत ग्राम मोहन्दी के मिचिंगपारा, कोडियारपारा और बीचपारा में करीब 61.79 लाख रुपये की लागत से बिजली विस्तार कार्य किया गया, जिससे 40 परिवारों को पहली बार बिजली मिली। वहीं ग्राम मसपुर के गुडरापारा में 22.42 लाख रुपये की लागत से कार्य पूरा कर 5 परिवारों को विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराया गया।
बिजली पहुंचने से अब बच्चों की पढ़ाई आसान होगी, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार आएगा और ग्रामीणों को पंखा, मोबाइल चार्जिंग सहित अन्य विद्युत सुविधाओं का लाभ मिलेगा। साथ ही सिलाई, कुटीर उद्योग और छोटे व्यवसाय जैसे स्वरोजगार के नए अवसर भी विकसित होंगे।
ग्रामीणों ने वर्षों बाद अपने घरों में रोशनी देखकर खुशी जताई और राज्य सरकार, जिला प्रशासन तथा विद्युत विभाग का आभार व्यक्त किया। प्रशासन का लक्ष्य अब जिले के अन्य वंचित गांवों तक भी चरणबद्ध तरीके से बिजली और विकास की सुविधाएं पहुंचाना है।





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