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नीतीश के दिल्ली जाने की चर्चा से बिहार में बवाल: आक्रोशित JDU कार्यकर्ताओं ने घेरी अपने ही विधायक की गाड़ी; प्रेम मुखिया को बैरंग लौटना पड़ा

पटना/नवादा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने और बिहार की सत्ता की कमान किसी और को सौंपने की अटकलों ने जेडीयू (JDU) कार्यकर्ताओं के सब्र का बांध तोड़ दिया है। बिहार के राजनीतिक गलियारों में इस संभावित 'शिफ्ट' को लेकर जो 'भूचाल' आया था, उसका असर अब सड़कों पर दिखने लगा है। ताज़ा घटनाक्रम में, अपने नेता के बिहार छोड़ने की खबर से नाराज कार्यकर्ताओं ने जेडीयू के ही एक विधायक की गाड़ी पर हमला बोल दिया। इस दौरान जमकर नारेबाजी हुई और स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि वरिष्ठ नेता प्रेम मुखिया को कार्यक्रम स्थल से बिना किसी औपचारिक मुलाकात के उल्टे पांव वापस लौटना पड़ा।

घटना उस वक्त हुई जब पार्टी के विधायक और नेता एक संगठनात्मक बैठक के लिए पहुँचे थे। जैसे ही नीतीश कुमार के दिल्ली जाने और बिहार में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा उठी, वहां मौजूद कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। कार्यकर्ताओं ने विधायक की गाड़ी को चारों तरफ से घेर लिया और "नीतीश कुमार बिहार नहीं छोड़ेंगे" के नारे लगाने शुरू कर दिए। देखते ही देखते धक्का-मुक्की शुरू हो गई और गाड़ी के शीशों पर प्रहार किए गए। जेडीयू समर्थकों का स्पष्ट कहना है कि वे नीतीश कुमार के अलावा किसी और को मुख्यमंत्री के रूप में स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं।
इस हिंसक विरोध ने जेडीयू के भीतर मची आंतरिक कलह और नेतृत्व के प्रति गहरे भावनात्मक जुड़ाव को उजागर कर दिया है। प्रेम मुखिया और अन्य नेताओं ने कार्यकर्ताओं को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन आक्रोश इतना अधिक था कि नेताओं को सुरक्षा घेरे में वहां से निकलना पड़ा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि नीतीश कुमार राज्यसभा जाने का औपचारिक फैसला लेते हैं, तो पार्टी के भीतर बगावत और जमीनी स्तर पर ऐसे और भी हिंसक प्रदर्शन देखने को मिल सकते हैं। फिलहाल, पटना से लेकर जिला मुख्यालयों तक पुलिस बल को अलर्ट पर रखा गया है ताकि सत्ता परिवर्तन की इस प्रक्रिया में कानून-व्यवस्था न बिगड़े।







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