जांजगीर। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां दहेज प्रताड़ना और लगातार मिल रही घरेलू हिंसा से तंग आकर एक नवविवाहिता ने मौत को गले लगा लिया। मृतका ने सुसाइड करने से ठीक पहले अपनी मां को फोन किया था, जिसमें वह अपनी आपबीती सुनाते हुए फूट-फूटकर रोई थी। इस संवेदनशील मामले में कोतवाली थाना पुलिस ने त्वरित और कड़ी कार्रवाई करते हुए मृतका के आरोपी पति और उसकी जेठानी को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतका की पहचान भारती के रूप में हुई है, जिसकी शादी कुछ समय पहले ही हुई थी। शादी के बाद से ही भारती को उसके ससुराल में छोटी-छोटी बातों पर प्रताड़ित किया जाने लगा था। पुलिस की जांच और गवाहों के बयानों में यह बात पूरी तरह प्रमाणित पाई गई है कि भारती का पति और उसकी जेठानी मिलकर उसे लगातार मायके से भारी दहेज लाने के नाम पर मानसिक और शारीरिक रूप से टॉर्चर करते थे। उसके साथ अक्सर मारपीट भी की जाती थी, जिससे वह बेहद तनाव और डिप्रेशन में रहने लगी थी।
घटना के दिन भारती के सब्र का बांध पूरी तरह टूट गया। जहर खाने (आत्मघाती कदम उठाने) से ठीक पहले उसने भारी मन से अपनी मां को फोन मिलाया था। फोन पर वह काफी देर तक सिसक-सिसक कर रोती रही और ससुराल वालों द्वारा दी जा रही असहनीय प्रताड़ना के बारे में बताया। मां को जब तक खतरे का अंदाजा होता और वे कुछ कर पातीं, तब तक भारती ने घर के भीतर रखा जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया।
भारती की मौत के बाद मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर हत्या और प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाते हुए कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जब बारीकी से तफ्तीश की, तो पति और जेठानी के खिलाफ प्रताड़ना और मारपीट के ठोस सबूत मिले। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की संबंधित धाराओं (दहेज मृत्यु और प्रताड़ना) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।







