जीवनशैली की बदलती आदतों के कारण अक्सर हम अपनी स्वास्थ्य जांचों को नजरअंदाज कर देते हैं, खासकर जब उम्र 30 साल के पार हो जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस उम्र के बाद कुछ जरूरी टेस्ट समय पर कराना बेहद जरूरी है। इनसे गंभीर बीमारियों का समय रहते पता चलता है और उनका इलाज आसान हो जाता है।
1. पैप स्मीयर और HPV टेस्ट
यह जांच सर्वाइकल कैंसर और गर्भाशय ग्रीवा की समस्याओं का शुरुआती पता लगाने में मदद करती है। महिलाओं के लिए 30 के बाद इसे नियमित रूप से करवाना सलाह दी जाती है।
2. मैमोग्राफी
यह स्तन कैंसर के शुरुआती लक्षण दिखाती है। जिन परिवारों में स्तन कैंसर का इतिहास है, उन्हें 30 की उम्र के बाद इसे समय-समय पर कराना चाहिए।
3. थायरॉइड फंक्शन टेस्ट
थायरॉइड हार्मोन का संतुलन शरीर पर गहरा असर डालता है। इसके असंतुलन से वजन, ऊर्जा स्तर और मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है। 30 के बाद साल में कम से कम एक बार यह टेस्ट जरूरी है।
4. बोन डेंसिटी टेस्ट
जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, हड्डियों की ताकत घटती है। DEXA स्कैन से ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं का समय रहते पता चलता है। यह खासकर महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण है।
5. ब्लड शुगर और लिपिड प्रोफाइल
ये जांचें डायबिटीज और हृदय रोगों के जोखिम का पता देती हैं। ब्लड शुगर टेस्ट से चीनी स्तर और लिपिड प्रोफाइल से कोलेस्ट्रॉल का स्तर पता चलता है। 30 की उम्र पार करने के बाद साल में एक बार यह जांच आवश्यक है।
विशेषज्ञ सलाह:
अपनी सेहत को नजरअंदाज न करें।
समय पर की गई जांचें बीमारी को जल्दी पकड़ने और जीवन बचाने में मदद करती हैं।
अगर परिवार में किसी भी गंभीर बीमारी का इतिहास है तो डॉक्टर से सलाह लेकर जांच की आवृत्ति बढ़ाएं।

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