नवा रायपुर के तूता धरना स्थल पर अपनी वैध नियुक्ति की मांग को लेकर डटे डीएड अभ्यर्थियों का आंदोलन अब बेहद संवेदनशील मोड़ पर पहुंच चुका है। मंगलवार को उनके इस आमरण अनशन को पूरे 133 दिन पूरे हो चुके हैं। भीषण गर्मी, चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं (लू) के थपेड़ों के बीच भी ये युवा अपनी मांगों को लेकर धरना स्थल पर डटे हुए हैं। इस तपती गर्मी में खुले आसमान के नीचे बैठने की वजह से अभ्यर्थी लगातार डिहाइड्रेशन और गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं, लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।
धरना स्थल पर मौजूद प्रदर्शनकारी युवाओं का कहना है कि वे अपने संवैधानिक अधिकार और जायज हक के लिए इतनी कठिन परिस्थितियों में भी संघर्ष करने को मजबूर हैं। भीषण गर्मी के कारण कई अभ्यर्थियों की तबीयत लगातार बिगड़ रही है और कुछ को इलाज के लिए अस्पताल भी ले जाना पड़ा है। इसके बावजूद, आंदोलनकारियों का हौसला डगमगाया नहीं है। उनका स्पष्ट रुख है कि जब तक विभाग द्वारा शेष बचे पदों पर उनकी वैध नियुक्ति का आदेश जारी नहीं किया जाता, तब तक यह आमरण अनशन और आंदोलन इसी तरह जारी रहेगा।
लंबी खिंचती जा रही इस हड़ताल के कारण अब अभ्यर्थियों और उनके परिवारों में भारी आक्रोश और निराशा का माहौल पनप रहा है। आंदोलनकारियों ने सरकार और शिक्षा विभाग से तुरंत इस संवेदनशील मुद्दे पर हस्तक्षेप करने की मांग की है। सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक इस आंदोलन को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है और स्थानीय लोगों के बीच भी इन युवाओं की बिगड़ती सेहत को लेकर चिंताएं बढ़ने लगी हैं। अब देखना होगा कि शासन-प्रशासन इस गंभीर स्थिति पर कब तक कोई ठोस कदम उठाता है।







