भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार के दो वर्ष पूरे होने के अवसर पर IBC24 द्वारा राजधानी भोपाल में आयोजित विशेष कार्यक्रम "महामंथन" में आज प्रदेश के पूर्व मंत्री और बीजेपी नेता नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। महामंथन के मंच पर उन्होंने कांग्रेस की चुनावी रणनीति और राहुल गांधी की लगातार हार पर बड़े दावे किए।
"हार स्वीकार लें तो कांग्रेस में हो जाएगी बगावत"
चुनाव प्रक्रिया और वोटिंग अनियमितताओं को लेकर जारी बहस के बीच, नरोत्तम मिश्रा ने 'वोट चोरी' के मुद्दे को वास्तविकता से परे बताया। मिश्रा ने आरोप लगाया कि यह मुद्दा राहुल गांधी की राजनीतिक चाल है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लगातार चुनावी हार का सामना कर रहे हैं, और वह अपने कार्यकर्ताओं को यह भरोसा दिलाना चाहते हैं कि वे हार नहीं रहे हैं, बल्कि उन्हें 'हराया जा रहा है'। पूर्व गृहमंत्री ने तंज कसते हुए कहा, "यदि राहुल गांधी अपनी हार स्वीकार कर लें, तो कांग्रेस में गांधी परिवार के खिलाफ बगावत खड़ी हो सकती है, इसलिए वे इस तरह की कहानियों को हवा देते हैं।"
राहुल गांधी पर 74 चुनाव हारने का दावा
बीजेपी नेता नरोत्तम मिश्रा ने दावा किया कि राहुल गांधी अब तक 74 चुनाव हार चुके हैं। उन्होंने कहा कि "जो बार-बार फेल होता है, वह पूरी परीक्षा प्रणाली पर सवाल उठाता है। यही राहुल गांधी कर रहे हैं।" मिश्रा ने आरोप लगाया कि इतनी हार के बावजूद कांग्रेस उन्हें नेता मानती है, क्योंकि दिग्विजय सिंह जैसे नेता उनका समर्थन करते हैं। उन्होंने याद दिलाया कि इससे पहले भी कांग्रेस ने EVM पर सवाल उठाकर चुनाव व्यवस्था और संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने की कोशिश की थी।
दिग्विजय सिंह और हिंदू मतदाताओं पर आरोप
मिश्रा ने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सिंह वोटर लिस्ट को लेकर भोपाल में सवाल उठा रहे हैं, लेकिन ईरानी मोहल्ले जैसे क्षेत्रों में जहाँ एक कमरे में 108 वोट दर्ज हैं, वहाँ वे कभी जाँच के लिए नहीं जाते। मिश्रा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस केवल हिंदुओं पर सवाल उठाकर उन्हें "वोट चोर" बताने की कोशिश करती है। उन्होंने कर्नाटक का उदाहरण देते हुए कहा कि राहुल गांधी ने उस विधानसभा सीट में वोट चोरी का मुद्दा उठाया, जहाँ 94-98% आबादी हिंदू है और जहाँ उनकी अपनी पार्टी की सरकार सत्ता में है।
नरोत्तम मिश्रा ने राहुल गांधी के बयानों पर तंज कसते हुए कहा कि वह पहले "एटम बम" और फिर "हाइड्रोजन बम" फोड़ने जैसी बातें करते हैं, लेकिन तथ्यों को नजरअंदाज करते हैं।








