CG News- सरगुजा जिले के राजापुर में नायब तहसीलदार तुषार मानिक के साथ कथित तौर पर हुई मारपीट की घटना ने अब एक बड़े प्रशासनिक और राजनीतिक गतिरोध का रूप ले लिया है। इस हिंसक घटना के विरोध में जिले का पूरा प्रशासनिक अमला लामबंद हो गया है, जिसके चलते शासकीय अधिकारियों और भाजपा समर्थकों के बीच सीधे टकराव की स्थिति निर्मित हो गई है। शासकीय सेवक पर हुए इस हमले से आक्रोशित होकर राजस्व विभाग के सभी छोटे-बड़े अधिकारी और कर्मचारी एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन पर उतर आए हैं।
शुक्रवार को इस घटना के विरोध स्वरूप सरगुजा जिले भर के पटवारी, राजस्व निरीक्षक (RI), राजस्व लिपिक, नायब तहसीलदार, तहसीलदार, डिप्टी कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर और अपर कलेक्टर तक एक साथ सामूहिक अवकाश पर चले गए। इस अभूतपूर्व हड़ताल और धरने के कारण पूरे जिले के राजस्व न्यायालयों, कलेक्ट्रेट की विभिन्न महत्वपूर्ण शाखाओं और तहसील कार्यालयों में कामकाज पूरी तरह से ठप हो गया। दूर-दराज से अपनी जमीनी समस्याओं और अन्य शासकीय कार्यों के लिए पहुंचे आम नागरिकों को कलेक्ट्रेट से बैरंग लौटना पड़ा।
धरने पर बैठे अधिकारी-कर्मचारियों का साफ तौर पर कहना है कि कर्तव्य पर तैनात शासकीय अधिकारियों के साथ इस तरह की अभद्रता और मारपीट बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रदर्शनकारियों ने घटना के दोषियों के खिलाफ तत्काल कठोर दंडात्मक कानूनी कार्रवाई करने और मैदानी स्तर पर काम करने वाले प्रशासनिक अमले को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है। जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती, तब तक प्रशासनिक अधिकारियों ने अपना विरोध जारी रखने की चेतावनी दी है, जिससे आने वाले दिनों में यह संकट और गहरा सकता है।







