नगर पालिक निगम रायपुर ने शहरी स्वच्छता को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए UPYOG आधारित FSSM (Faecal Sludge and Septage Management) डैशबोर्ड के प्रोटोटाइप का सफल शुभारंभ किया है। राष्ट्रीय शहरी डिजिटल मिशन (NUDM) के तहत विकसित इस नवाचार को देश में पहली बार रायपुर में लागू किया जा रहा है। इस डैशबोर्ड का औपचारिक उद्घाटन आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) के संयुक्त सचिव श्री प्रवीर कुमार (IAS), श्री राघवेन्द्र सिंह (IRS) और महापौर श्रीमती मीनल चौबे की उपस्थिति में किया गया। यह पहल NIUA, UNICEF और ENTIT के तकनीकी सहयोग से स्वच्छता सेवाओं को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए तैयार की गई है।
यह एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म सेप्टिक टैंक की सफाई, परिवहन और सुरक्षित निपटान की पूरी प्रक्रिया की रियल-टाइम निगरानी सुनिश्चित करेगा। UPYOG आधारित यह प्रणाली न केवल डेटा विश्लेषण और बेहतर निर्णय लेने में मदद करेगी, बल्कि सफाईमित्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मानवीय हस्तक्षेप को आधुनिक तकनीक से प्रतिस्थापित करेगी। इस डैशबोर्ड के माध्यम से पूरी प्रक्रिया की जवाबदेही तय होगी, जिससे रायपुर का स्वच्छता मॉडल देश के अन्य नगर निकायों के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण बनकर उभरेगा।
नागरिकों की सुविधा के लिए इस डिजिटल सिस्टम ने पारंपरिक प्रक्रिया को पूरी तरह बदल दिया है। अब रायपुरवासियों को सेप्टिक टैंक खाली करवाने के लिए ज़ोन कार्यालय के चक्कर काटने या रसीद कटवाने की आवश्यकता नहीं होगी। नागरिक अब नगर निगम रायपुर की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर 'ऑनलाइन सेप्टिक टैंक क्लीनिंग' विकल्प के माध्यम से सीधे आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए केवल प्रॉपर्टी आईडी या मोबाइल नंबर की आवश्यकता होगी, जिससे सेवा की मांग से लेकर उसके निष्पादन तक की पूरी ट्रैकिंग ऑनलाइन संभव होगी।
इस नई डिजिटल व्यवस्था से समय की बचत होगी और स्वच्छता सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आएगा। महापौर और आयुक्त ने इस पहल को 'स्मार्ट गवर्नेंस' की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि बताया है, जो आम जनता को सरल, सुगम और त्वरित सेवा प्रदान करेगी। इस शुभारंभ समारोह में निगम के वरिष्ठ अधिकारियों सहित MIC सदस्य और मंत्रालय की तकनीकी टीम मौजूद रही, जिन्होंने रायपुर की इस पहल को भविष्य की शहरी स्वच्छता की रीढ़ बताया।








