गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले से नगरपालिका की बड़ी लापरवाही सामने आई है। भीषण गर्मी के दौरान जहां पूरा इलाका बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहा है, वहीं गौरेला नगरपालिका क्षेत्र में पानी की टंकी ओवरफ्लो होने के कारण घंटों तक हजारों लीटर पेयजल व्यर्थ बहता रहा। स्थानीय निवासियों ने बताया कि पानी की यह बर्बादी जिम्मेदार कर्मचारियों की अनदेखी के चलते हुई, जिससे न केवल बहुमूल्य संसाधन नष्ट हुआ, बल्कि सड़कों और नालियों में जलभराव की स्थिति भी निर्मित हो गई।
प्रशासन द्वारा एक ओर जल संरक्षण के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, वहीं धरातल पर कर्मचारियों की इस लापरवाही ने सरकारी संदेशों को ठेंगा दिखा दिया है। भीषण गर्मी में जलस्तर गिरने से गौरेला क्षेत्र में जल संकट गहराता जा रहा है, ऐसे समय में हजारों लीटर पानी का नालियों में बहना स्थानीय लोगों को नागवार गुजरा। आक्रोशित नागरिकों का कहना है कि जब उन्होंने इसकी सूचना संबंधित विभाग को देनी चाही, तो घंटों तक कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
घटना की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद नगरपालिका प्रशासन के खिलाफ जनता का गुस्सा फूट पड़ा है। लोगों ने मांग की है कि लापरवाह कर्मचारियों और जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की बर्बादी न हो। जल संकट के इस दौर में जहां आम जनता टैंकरों के भरोसे है, वहां प्रशासन की ऐसी चूक प्रबंधन की विफलता को दर्शाती है। अब देखना होगा कि उच्च अधिकारी इस मामले में क्या संज्ञान लेते हैं।







