रायपुर- नगर पालिक निगम रायपुर में स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। महापौर श्रीमती मीनल चौबे के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर ने आज जोन 1 कार्यालय में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। इस बैठक का मुख्य एजेंडा मानसून पूर्व शहर की सफाई व्यवस्था और आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण में रायपुर की रैंकिंग सुधारना रहा। बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि बारिश शुरू होने से पहले सभी वार्डों के छोटे-बड़े नालों की तले तक सघन सफाई सुनिश्चित की जाए, ताकि जलभराव जैसी स्थिति पैदा न हो।
समीक्षा बैठक के दौरान स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष ने जोन 1 के सभी 7 वार्डों की सफाई व्यवस्था की बारीकी से जांच की। उन्होंने अधिकारियों को सख्त लहजे में कहा कि 'सिटी प्रोफाइल' के अनुसार हर वार्ड में सफाई का स्तर ऊंचा होना चाहिए। पार्षद गज्जू साहू और नंदकिशोर साहू की उपस्थिति में हुई इस चर्चा में वार्ड पार्षदों से समन्वय बनाकर काम करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सफाई अभियान को केवल कागजों तक सीमित न रखें, बल्कि धरातल पर उसकी सघन मॉनिटरिंग करें।
बारिश के मौसम में होने वाली जलभराव की समस्या रायपुर के कई मोहल्लों के लिए बड़ी चुनौती रही है। इसे देखते हुए श्रीमती गायत्री चंद्राकर ने जोन कमिश्नर अंशुल शर्मा और स्वास्थ्य अधिकारी खेमलाल देवांगन को निर्देशित किया कि नालों की सफाई 'तले तक' (Deep Cleaning) की जाए। गंदे पानी की निकासी का प्रबंध सुगम होना चाहिए ताकि किसी भी नागरिक को अपने घर के आसपास गंदा पानी जमा होने की समस्या का सामना न करना पड़े। इसके लिए एक समयबद्ध अभियान चलाने को कहा गया है।
स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 के मानकों को पूरा करने के लिए प्रशासन अब हर स्तर पर सक्रिय नजर आ रहा है। बैठक में यह भी तय किया गया कि सफाई कर्मचारी नियमित रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे और डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाएगी। अध्यक्ष ने विश्वास जताया कि पार्षदों, अधिकारियों और जनता के सहयोग से जोन 1 न केवल मानसून की चुनौतियों के लिए तैयार रहेगा, बल्कि स्वच्छ सर्वेक्षण में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करेगा।








