रायपुर नगर निगम ने 'स्वच्छ सर्वेक्षण 2026' में राजधानी को देश का सबसे स्वच्छ शहर बनाने की दिशा में अपने प्रयास तेज कर दिए हैं। महापौर श्रीमती मीनल चौबे के विशेष निर्देश पर, स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर ने निगम के जोन क्रमांक 3 में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य शहर की सफाई व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करना और शत-प्रतिशत डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन को सुनिश्चित करना था।
बैठक के मुख्य बिंदु और निर्देश
बैठक के दौरान स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर ने स्पष्ट किया कि स्वच्छ सर्वेक्षण में रायपुर को अव्वल स्थान दिलाने के लिए अब "मेहनत की पराकाष्ठा" करने का समय है। उन्होंने अधिकारियों और पार्षदों को निम्नलिखित निर्देश दिए:
शत-प्रतिशत कचरा कलेक्शन: शहर के हर वार्ड में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण अनिवार्य रूप से हो। इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
स्वच्छता रैंकिंग पर फोकस: सर्वेक्षण के सभी मानकों को पूरा करने के लिए फील्ड स्तर पर सक्रियता बढ़ाई जाए।
सामूहिक प्रयास: पार्षदों, जोन अधिकारियों और स्वच्छता प्रभारियों को आपस में समन्वय बनाकर वार्डों को मॉडल वार्ड के रूप में विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया।
बैठक में इनकी रही उपस्थिति
इस समीक्षा बैठक में स्वच्छता अभियान को गति देने के लिए निगम के कई वरिष्ठ अधिकारी और जन प्रतिनिधि उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख हैं:
प्रशासनिक अधिकारी: जोन कमिश्नर श्रीमती प्रीति सिंह, कार्यपालन अभियंता श्री ईश्वर लाल टावरे, जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री पूरन कुमार ताण्डी और सभी वार्डों के सफाई प्रभारी।
श्रीमती चंद्राकर ने सभी पार्षदों और अधिकारियों से अपील की कि वे इस अभियान को एक जन-आंदोलन का रूप दें ताकि रायपुर शहर 'स्वच्छ सर्वेक्षण 2026' में अपनी एक नई पहचान और नंबर 1 का खिताब हासिल कर सके। निगम प्रशासन की यह कवायद आने वाले दिनों में रायपुर की सफाई व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।




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