रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर शहर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। निगम स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. तृप्ति पाणीग्रही ने आज जोन 8 और जोन 4 के विभिन्न वार्डों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान वार्ड क्रमांक 1 और 2 में निर्धारित संख्या से काफी कम सफाई कामगार ड्यूटी पर तैनात मिले। निरीक्षण में सामने आया कि वार्ड 1 में 38 में से केवल 19 और वार्ड 2 में मात्र 26 कामगार उपस्थित थे, जिसे गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य अधिकारी ने दोनों वार्डों के ठेकेदारों पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है और उनके ठेके निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
सफाई व्यवस्था की पोल तब और खुली जब जोन 4 के सिविल लाइन वार्ड क्रमांक 46 में जगह-जगह गंदगी और मलबे के ढेर पाए गए। इस अव्यवस्था पर नाराजगी जाहिर करते हुए डॉ. पाणीग्रही ने वार्ड सफाई सुपरवाइजर कार्तिक नेताम को कारण बताओ नोटिस जारी कर 4 मई 2026 तक लिखित स्पष्टीकरण मांगा है। निरीक्षण के दौरान नालियां जाम मिलने और सड़कों पर कचरा होने को निगम प्रशासन ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 की तैयारियों में बड़ी बाधा माना है।
निगम आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि अब प्रतिदिन वार्डों का औचक निरीक्षण किया जाएगा। यदि भविष्य में सफाई व्यवस्था में किसी भी स्तर पर कमी पाई जाती है, तो केवल ठेकेदार ही नहीं बल्कि संबंधित स्वच्छता निरीक्षक और जोन स्वास्थ्य अधिकारियों पर भी जिम्मेदारी तय कर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। रायपुर को स्वच्छ सर्वेक्षण में शीर्ष स्थान दिलाने के लिए निगम प्रशासन अब 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर काम कर रहा है, ताकि राजधानी के नागरिकों को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण मिल सके।








