रायपुर। राजधानी रायपुर में मानसून की आहट और अचानक हुई तेज बारिश के बीच नगर निगम के नए आयुक्त संबित मिश्रा कड़े एक्शन मोड में नजर आए। शुक्रवार को बारिश शुरू होते ही आयुक्त दफ्तर छोड़कर सीधे फील्ड पर निकल गए और शहर के उन संवेदनशील इलाकों का जायजा लिया जहाँ अक्सर जलभराव (Water Logging) की समस्या होती है। उन्होंने प्रोफेसर कॉलोनी, परशुराम नगर, छत्तीसगढ़ नगर, धरम नगर और काशीराम नगर जैसे क्षेत्रों का पैदल निरीक्षण किया और नाली सफाई की जमीनी हकीकत देखी।
आयुक्त ने विशेष रूप से शहर के बड़े नालों—चार मुहा नाला, अरमान नाला और बूढ़ापारा इंडोर स्टेडियम नाला का बारीकी से निरीक्षण किया। बारिश के दौरान पानी के बहाव को देखते हुए उन्होंने अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देशित किया कि मानसून के पूरी तरह सक्रिय होने से पहले सभी छोटे-बड़े नालों की 'तले तक' सघन सफाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बारिश के दौरान नालों में कचरा फंसा मिला या सुगम निकास बाधित हुआ, तो संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान आयुक्त के साथ जोन 4 के अध्यक्ष मुरली शर्मा, अपर आयुक्त विनोद पाण्डेय और स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. तृप्ति पाणीग्रही समेत कई जोन कमिश्नर मौजूद रहे। आयुक्त ने अधिकारियों से कहा कि केवल कागजों पर सफाई नहीं होनी चाहिए, बल्कि फील्ड पर जलभराव की स्थिति शून्य होनी चाहिए। उन्होंने जलभराव वाले हॉटस्पॉट्स पर अतिरिक्त पंपों की व्यवस्था रखने और सफाई गैंग को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखने के निर्देश दिए।
निगम आयुक्त का यह औचक निरीक्षण उन अधिकारियों के लिए बड़ी चेतावनी है जो मानसून पूर्व तैयारियों में लापरवाही बरत रहे थे। शहरवासियों को जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए संबित मिश्रा ने स्पष्ट कर दिया है कि सुगम निकास प्रबंधन ही उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस दौरान जोन कमिश्नर प्रीति सिंह, डॉ. दिव्या चंद्रवंशी और हितेन्द्र यादव सहित कार्यपालन अभियंता भी मौके पर तैनात रहे।







