Breaking
- बस्तर के कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में 12 दिन पहले शुरू हुआ सफारी सत्र, पर...
- Dussehra Celebration : बिलाईगढ़ के ऐतिहासिक राजशाही दशहरा उत्सव में शामिल हुए...
- Police Commemoration Day : छत्तीसगढ़ में शांति और सुरक्षा के लिए वीर जवानों क...
- Urban Challenge Fund Conclave: छत्तीसगढ़ के शहरों के सुनियोजित विकास को मिलेग...
- Pradhan Mantri Awas Yojana in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में सामाजिक और आर्थिक प...
- Pradhan Mantri Awas Yojana in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में सामाजिक और आर्थिक प...
- SECL के रिटायर्ड कर्मी का मोबाइल हैक कर 1.39 लाख की ठगी, क्रेडिट कार्ड से फ्ल...
- मायके से नहीं लौटी पत्नी तो फोन पर बोला- 'मैं आत्महत्या करने जा रहा हूं', और ...
- पत्नी से अवैध संबंध के शक में चचेरे भाई पर जानलेवा हमला, आंखों में मिर्च पाउड...
- Crime News: पुनर्वास केंद्र में रह रहे आत्मसमर्पित नक्सली ने लगाई फांसी, पुलि...
एमपी बोर्ड की नई पहल: दिव्यांग छात्रों को परीक्षा में मिलेगी विशेष सुविधा

ग्वालियर। मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल ने दिव्यांग विद्यार्थियों के हित में एक अहम कदम उठाया है। बोर्ड ने निर्णय लिया है कि आगामी 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में विशेष आवश्यकता वाले छात्रों को अतिरिक्त सुविधाएं प्रदान की जाएंगी, ताकि वे बिना किसी परेशानी के परीक्षा दे सकें।

इस पहल के तहत सभी स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने यहां अध्ययनरत दिव्यांग छात्रों की विस्तृत जानकारी समय पर बोर्ड को उपलब्ध कराएं। इसके आधार पर परीक्षा के दौरान आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएंगी।
छात्रों को मिलेंगी ये सुविधाएं
बोर्ड द्वारा दिव्यांग छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई प्रबंध किए जा रहे हैं। जिन छात्रों को चलने-फिरने में कठिनाई होती है, उनके लिए परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में सहायता की व्यवस्था होगी। वहीं दृष्टिबाधित या लिखने में असमर्थ विद्यार्थियों को लेखक (राइटर) की सुविधा प्रदान की जाएगी।
इसके अलावा जरूरत के अनुसार अतिरिक्त समय, बैठने की विशेष व्यवस्था और अन्य सहायक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि कोई भी छात्र अपनी दिव्यांगता के कारण परीक्षा से वंचित न रह जाए।
शिक्षा में समान अवसर का लक्ष्य
बोर्ड अधिकारियों का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य दिव्यांग छात्रों को शिक्षा में समान अवसर देना है। परीक्षा के दौरान होने वाली असुविधाओं को दूर कर छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें बेहतर प्रदर्शन का अवसर देना इस योजना की मुख्य सोच है।
अभिभावकों और छात्रों में खुशी
बोर्ड के इस फैसले से दिव्यांग छात्रों और उनके अभिभावकों में खुशी का माहौल है। उनका कहना है कि इस तरह की सुविधाओं से बच्चों पर मानसिक दबाव कम होगा और वे अपनी क्षमता के अनुसार परीक्षा दे सकेंगे।
यह कदम राज्य में समावेशी शिक्षा की दिशा में एक सकारात्मक पहल माना जा रहा है, जिससे भविष्य में और भी सुधार की उम्मीद की जा रही है।







