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जल संकट से निपटने प्रशासन की बड़ी पहल: 'मोर गांव, मोर तरिया' अभियान से संवरेंगे 38 तालाब, मानसून से पहले काम पूरा करने का लक्ष्य

Chhattisgarh 01 June 2026 (43)

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बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में भीषण गर्मी और भविष्य के जल संकट से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने एक बेहद सराहनीय और महत्वाकांक्षी कदम उठाया है। जिले में भू-जल स्तर (Groundwater Level) को सुधारने और ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की किल्लत को हमेशा के लिए दूर करने के उद्देश्य से 'मोर गांव, मोर तरिया' अभियान की शुरुआत की गई है। इस विशेष अभियान के तहत बिलासपुर जिले के 38 गांवों के तालाबों का कायाकल्प किया जा रहा है। कलेक्टर संजय अग्रवाल के सीधे मार्गदर्शन में इस योजना के अंतर्गत नए तालाबों के निर्माण और पुराने तालाबों के जीर्णोद्धार का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है।

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प्रशासन ने इस पूरे प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करने के लिए 'मानसून 2026' से पहले की समय-सीमा (डेडलाइन) तय की है। कार्ययोजना के अनुसार, बारिश का मौसम शुरू होने से पहले सभी 38 चिन्हित गांवों में तालाबों की खुदाई, गहरीकरण और पचरी निर्माण जैसे आवश्यक कार्यों को हर हाल में पूरा कर लिया जाएगा। ऐसा करने से मानसून के दौरान गिरने वाले पानी की एक-एक बूंद को इन तालाबों में सहेजा जा सकेगा, जिससे आने वाले दिनों में आसपास के इलाकों का वाटर लेवल तेजी से बढ़ेगा और ग्रामीणों को निस्तारी व सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सकेगा।

इस अभियान को सफल बनाने के लिए जिला पंचायत, मनरेगा और ग्रामीण विकास विभाग की टीमें आपसी समन्वय के साथ दिन-रात काम में जुटी हुई हैं। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि काम की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए और तय समय सीमा के भीतर ही निर्माण कार्य को अंतिम रूप दिया जाए। 'मोर गांव, मोर तरिया' अभियान न सिर्फ बिलासपुर के ग्रामीण अंचलों की सूरत बदलेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन की दिशा में भी एक मील का पत्थर साबित होगा।

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