देश की सबसे बड़ी निजी एयरलाइन इंडिगो हाल के दिनों में गंभीर परिचालन संकट का सामना कर रही है। बड़े पैमाने पर उड़ानों के रद्द होने और यात्रियों को हुई विशाल परेशानी के बाद अब केंद्र सरकार एयरलाइन के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की तैयारी में है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने उड़ान संचालन व्यवस्था में सुधार न होने पर इंडिगो की क्षमता घटाने, स्लॉट जब्त करने और भारी जुर्माना लगाने जैसे कदमों को लगभग अंतिम रूप दे दिया है।
क्या कदम उठाए जा सकते हैं
सूत्रों के अनुसार, इंडिगो पर कई स्तरों पर दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
इसमें शामिल हैं
1. फ्लाइट शेड्यूल में सीधी कटौती
2. प्रमुख हवाई अड्डों पर स्लॉट वापस लेना
3. भारी वित्तीय दंड
4. शीर्ष प्रबंधन पर प्रशासनिक कार्रवाई
नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री राम मोहन नायडू आज दोपहर लोकसभा में इस संकट पर आधिकारिक जवाब देंगे।
पहले चरण में 5 प्रतिशत कटौती की तैयारी
8 दिसंबर को हुई उच्च-स्तरीय बैठक में यह तय माना जा रहा है कि इंडिगो की शीतकालीन क्षमता में 5 प्रतिशत की कमी लागू की जाएगी।
वर्तमान में एयरलाइन प्रतिदिन लगभग 2,200 उड़ानें संचालित करती है।
यदि 5 प्रतिशत कटौती लागू होती है, तो लगभग 110 उड़ानें रोज़ाना कम हो सकती हैं।
सूत्रों का यह भी दावा है कि यदि यात्री सेवा में सुधार नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में 5 प्रतिशत की एक और अतिरिक्त कटौती संभव है।
यात्रियों को लौटाए गए 745 करोड़
1 से 8 दिसंबर के बीच भारी अव्यवस्था के कारण हजारों यात्रियों को फ्लाइट कैंसिलेशन, देरी और बैगेज मिसहैंडलिंग का सामना करना पड़ा।
सरकार के अनुसार
• 730,000 से अधिक यात्रियों के PNRs रद्द हुए
• अब तक 745 करोड़ रुपये की रिफंड राशि लौटाई जा चुकी है
• करीब 9,000 बैग फंसे थे, जिनमें से 6,000 यात्रियों को सौंप दिए गए हैं
बाकी बैग अगले 24 घंटे में पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
मंत्रालय ने बुलाई समीक्षा बैठक
संकट की गंभीरता को देखते हुए नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने आज सभी एयरलाइन ऑपरेटर्स की एक समीक्षा बैठक बुलाई है।
इस बैठक में चर्चा का मुख्य फोकस होगा:
• इंडिगो के परिचालन को सामान्य करने की समयसीमा
• यात्रियों की देखरेख और रिफंड प्रक्रिया में सुधार
• भविष्य में इस तरह की स्थिति रोकने के उपाय
• अन्य एयरलाइंस को अतिरिक्त क्षमता देने पर निर्णय
समीक्षा बैठक के बाद ही स्लॉट पुनर्वितरण और नई कार्रवाई पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।








