नवा रायपुर स्थित मंत्रालय की कैंटीन व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। पिछले 26 वर्षों से चली आ रही पुरानी व्यवस्था को बदलकर अब नई नीति लागू करने की तैयारी है। मंत्रालय के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए यह कैंटीन एक महत्वपूर्ण केंद्र है, जहां उन्हें भोजन और नाश्ता किफायती दरों पर उपलब्ध होता है। इस बदलाव की सूचना मिलते ही मंत्रालय के गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है और कर्मचारियों में नई व्यवस्था को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
इस प्रस्तावित बदलाव से मंत्रालय का कर्मचारी संघ काफी आशंकित है। कर्मचारियों का मानना है कि नई व्यवस्था के लागू होने से न केवल भोजन की गुणवत्ता और दर पर असर पड़ेगा, बल्कि वर्तमान में कार्यरत कर्मचारियों के भविष्य पर भी प्रश्नचिह्न लग सकते हैं। अपनी इन चिंताओं को लेकर कर्मचारी संघ ने लामबंद होते हुए मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपा है। संघ ने मुख्य सचिव से मांग की है कि इस निर्णय पर पुनर्विचार किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि कर्मचारियों को मिलने वाली सुविधाएं प्रभावित न हों।
कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि 26 सालों से चल रही व्यवस्था में कोई बड़ी शिकायत नहीं थी, ऐसे में इसे अचानक बदलना तर्कसंगत नहीं लग रहा है। उन्होंने मुख्य सचिव से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है ताकि मंत्रालय में काम करने वाले हजारों कर्मचारियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। फिलहाल, मंत्रालय प्रशासन की ओर से इस पर क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।







