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नक्सलवाद पर बड़ी सफलता: अमित शाह और सीएम साय की बैठक के तुरंत बाद दो हार्डकोर नक्सलियों का सरेंडर...

Chhattisgarh 13 December 2025 (55)

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ जारी अभियान को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री साय (CM Sai) की उच्च-स्तरीय बैठक के कुछ ही देर बाद, जिले में दो दुर्दांत हार्डकोर नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। इसे सुरक्षाबलों की रणनीति और सरकार की पुनर्वास नीति की बड़ी जीत माना जा रहा है।

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 लाखों के इनामी नक्सली मुख्यधारा में लौटे

सरेंडर करने वाले दोनों नक्सलियों पर ₹5-5 लाख का इनाम घोषित था। सुरक्षाबलों को काफी समय से इनकी तलाश थी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दोनों नक्सली कई बड़ी मुठभेड़ों में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं और उन पर दर्जनों गंभीर आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने का आरोप है। इस सरेंडर से न केवल क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों पर नियंत्रण बढ़ेगा, बल्कि सुरक्षाबलों को भी रणनीतिक राहत मिली है।

 बैठक का तत्काल असर: सुरक्षा और विकास पर हुई थी चर्चा

यह महत्वपूर्ण आत्मसमर्पण उस हाई-लेवल बैठक के तत्काल बाद हुआ है, जिसका आयोजन नक्सलवाद को लेकर रणनीति बनाने के लिए किया गया था। इस बैठक में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने हिस्सा लिया था। बैठक का मुख्य फोकस नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने, सुरक्षा बलों की रणनीति को और मजबूत करने और स्थानीय लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने पर था।

interrog कठोर पूछताछ शुरू, नक्सली नेटवर्क का पर्दाफाश संभव

सरेंडर के बाद दोनों नक्सलियों को पुलिस हिरासत में ले लिया गया है और उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का उद्देश्य नक्सली संगठन के भीतरी नेटवर्क, उनके सहयोगियों और भविष्य की गतिविधियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना है। यह जानकारी भविष्य में नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने की रणनीति में एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकती है।

 सरकार की नीतियों की जीत, विकास का रास्ता खुला

यह सरेंडर इस बात का स्पष्ट संकेत है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों का दबाव और राज्य सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीतियां प्रभावी ढंग से काम कर रही हैं। वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि इस बड़ी सफलता से इलाके में शांति और विकास के कार्यों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी, जिससे अन्य भटक चुके नक्सली भी हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने को प्रेरित होंगे।

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