मैनपाट (सरगुजा): छत्तीसगढ़ के शिमला के रूप में प्रसिद्ध मैनपाट के प्रमुख पर्यटन स्थल टाइगर प्वाइंट में भीषण आग लगने की घटना सामने आई है। इस आगजनी में जलप्रपात के पास स्थित कई झोपड़ीनुमा दुकानें जलकर पूरी तरह राख हो गई हैं। आग इतनी तेजी से फैली कि दुकानदारों को अपना सामान निकालने तक का मौका नहीं मिला। गनीमत यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन गरीब दुकानदारों का भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
जानकारी के अनुसार, आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है, लेकिन आशंका जताई जा रही है कि किसी जलती हुई बीड़ी-सिगरेट या खाना बनाने के दौरान निकली चिंगारी से यह हादसा हुआ होगा। टाइगर प्वाइंट पर्यटकों का पसंदीदा केंद्र है, जहाँ स्थानीय ग्रामीण छोटी-छोटी झोपड़ियों में चाय-नाश्ता और हस्तशिल्प की दुकानें चलाते हैं। सूखी घास और लकड़ियों से बनी इन झोपड़ियों ने आग को तेजी से पकड़ा, जिससे देखते ही देखते पूरा परिसर धुएं के गुबार से भर गया।
आग लगने के वक्त वहां बड़ी संख्या में पर्यटक मौजूद थे, जिनमें अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और पर्यटकों ने अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन संसाधनों की कमी के कारण वे बेबस नजर आए। पहाड़ी और दुर्गम इलाका होने की वजह से दमकल की गाड़ियों को भी वहां पहुंचने में मशक्कत करनी पड़ी। इस घटना ने एक बार फिर पर्यटन स्थलों पर फायर सेफ्टी (Fire Safety) के इंतजामों की पोल खोल दी है।
प्रभावित दुकानदारों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है, क्योंकि पर्यटन सीजन होने के कारण उन्होंने काफी स्टॉक जमा कर रखा था जो अब राख हो चुका है। पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन कर रही है। मैनपाट जैसे संवेदनशील पर्यटन क्षेत्रों में इस तरह की आगजनी की घटनाएं भविष्य में न हों, इसके लिए स्थानीय प्रशासन सख्त गाइडलाइन जारी करने की तैयारी में है।








