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Mahtari Vandan Yojana: मातृशक्ति के सम्मान और स्वावलंबन का मजबूत आधार बनी महतारी वंदन योजना: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर, 8 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना की 32वीं किस्त जारी कर दी गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दुर्ग में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रदेश की 67 लाख 38 हजार 217 पात्र महिलाओं के बैंक खातों में डीबीटी के जरिए 632 करोड़ 40 लाख 4 हजार 250 रुपये की राशि अंतरित की। इसके साथ ही योजना के तहत अब तक महिलाओं को दी गई आर्थिक सहायता का आंकड़ा 20,708 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की सहायता सीधे बैंक खातों में दी जाती है। महिला सशक्तीकरण को लेकर राज्य के बजट में भी महतारी वंदन योजना को प्रमुख प्राथमिकता दी गई है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मातृशक्ति का सम्मान और आर्थिक सशक्तीकरण सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। उनके अनुसार, जब परिवार की महिला आर्थिक रूप से मजबूत होती है तो उसका असर बच्चों की शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य और परिवार से जुड़े निर्णयों पर भी पड़ता है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहयोग देकर उन्हें अपनी जरूरतों और पारिवारिक आवश्यकताओं पर निर्णय लेने का अधिक आत्मविश्वास देने का प्रयास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक आत्मनिर्भरता को लेकर कई पहल की गई हैं। छत्तीसगढ़ सरकार भी इसी दिशा में महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के साथ स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, कौशल और आजीविका के अवसरों पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना की राशि कई महिलाओं के लिए बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य, पोषण, घरेलू जरूरतों, बचत और आजीविका संबंधी गतिविधियों में उपयोगी आर्थिक आधार बन रही है।
हर महीने सीधे खातों में पहुंच रहा आर्थिक संबल
महतारी वंदन योजना 1 मार्च 2024 से प्रभावी है। सितंबर 2026 तक योजना की 31 किस्तों के माध्यम से महिलाओं को 20,075 करोड़ 76 लाख रुपये की सहायता दी जा चुकी थी। अब 32वीं किस्त के रूप में 67,38,217 पात्र महिलाओं को 632 करोड़ 40 लाख 4 हजार 250 रुपये मिलने के बाद कुल सहायता राशि 20,708 करोड़ रुपये से अधिक हो गई है।
डीबीटी व्यवस्था के जरिए राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में पहुंच रही है। सरकार के अनुसार, इससे नियमित आर्थिक संबल मिलने के साथ महिलाओं को अपने संसाधनों पर सीधा अधिकार भी मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के जीवन में खुशहाली और उन्हें आगे बढ़ने के समान अवसर देना सरकार की प्रतिबद्धता है।
दुर्ग की 3.89 लाख से अधिक महिलाओं को मिले ₹37.19 करोड़
32वीं किस्त के तहत दुर्ग जिले की 3 लाख 89 हजार 507 पात्र महिलाओं के खातों में 37 करोड़ 19 लाख 10 हजार 250 रुपये अंतरित किए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि नियमित आर्थिक सहायता से महिलाओं को घरेलू जरूरतों के साथ अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने में भी मदद मिल रही है और परिवार की आर्थिक व्यवस्था में उनकी भूमिका मजबूत हो रही है।
उन्होंने कहा कि महिला सशक्तीकरण केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं के सम्मान, अवसर, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को मजबूत करना भी इसका हिस्सा है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश की माताएं-बहनें अपने सपनों और आकांक्षाओं के साथ आत्मविश्वास से आगे बढ़ें।
दुर्ग को ₹218.48 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात
कार्यक्रम के दौरान दुर्ग जिले को 218 करोड़ 48 लाख 29 हजार रुपये के विकास कार्यों की सौगात भी मिली। मुख्यमंत्री ने 1 करोड़ 22 लाख 56 हजार रुपये की लागत से पूर्ण आईटीआई दुर्ग के उन्नयन कार्य का लोकार्पण किया। वहीं 217 करोड़ 25 लाख 73 हजार रुपये की लागत के 23 निर्माण एवं विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया।
इन परियोजनाओं में सड़क, सिंचाई, शिक्षा, कौशल विकास, चिकित्सा एवं नर्सिंग शिक्षा तथा विद्युत अधोसंरचना से जुड़े कार्य शामिल हैं। इनके पूरा होने से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में कनेक्टिविटी, नागरिक सुविधाओं और विकास गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है।
सड़क और कनेक्टिविटी के लिए कई परियोजनाएं
दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में पुलगांव पुल मुख्य मार्ग से अंजोरा-रसमड़ा पहुंच राज्य मार्ग क्रमांक-22 के करीब 5 किलोमीटर हिस्से को चार लेन करने के लिए 30.20 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। अहिवारा विधानसभा क्षेत्र में कुम्हारी-अहिवारा-पथरिया राज्य मार्ग क्रमांक-21 के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण पर 24.06 करोड़ रुपये तथा जेवरा सिरसा से भटगांव तक 3.60 किलोमीटर सड़क निर्माण पर 4.28 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
पाटन विधानसभा क्षेत्र में भिलाई-सिरसा-औंधी-औरी-मोतीपुर मार्ग के 15.50 किलोमीटर हिस्से के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण के लिए 15.03 करोड़ रुपये, भिलाई से तर्रा मुख्य जिला मार्ग के 15 किलोमीटर हिस्से के मजबूतीकरण के लिए 8.33 करोड़ रुपये और पौहा से खपरी तक 2.20 किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए 3.97 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
अहिवारा और वैशाली नगर क्षेत्र में चंदूलाल चंद्राकर शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय से जुनवानी-कोहका-कुरूद मुख्य मार्ग के 2.50 किलोमीटर हिस्से के चौड़ीकरण पर 7.06 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इन कार्यों से आवागमन बेहतर होने के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और रोजगार केंद्रों तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है।
युवाओं के कौशल विकास पर जोर
आईटीआई दुर्ग के उन्नयन कार्य का लोकार्पण किया गया है। सिडबी क्लस्टर डेवलपमेंट फंड से वित्तपोषित इस कार्य पर 1 करोड़ 22 लाख 56 हजार रुपये खर्च हुए हैं। उन्नत अधोसंरचना से युवाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण और उद्योगों की जरूरत के अनुरूप कौशल हासिल करने की सुविधा मिलेगी।
शासकीय पॉलिटेक्निक दुर्ग में 8.86 करोड़ रुपये की लागत से ऑफिस ब्लॉक का नवीनीकरण, सीसी रोड, दिव्यांगजनों के लिए प्रसाधन और सिविल विंग विस्तार सहित विभिन्न कार्य किए जाएंगे। दुर्ग ग्रामीण क्षेत्र में 4.11 करोड़ रुपये की लागत से लाइवलीहुड कॉलेज भवन का निर्माण भी प्रस्तावित है, जिससे युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण और स्वरोजगार के लिए सुविधाएं मिलेंगी।
सिंचाई और जल प्रबंधन को मिलेगी मजबूती
जल संसाधन विभाग के तहत पाटन क्षेत्र में सुरपा व्यपवर्तन योजना के जीर्णोद्धार, नहर प्रणाली की रीमॉडलिंग और लाइनिंग पर 2.23 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
अहिवारा क्षेत्र में मोहंदी जलाशय के जीर्णोद्धार एवं नहर लाइनिंग के लिए 4.96 करोड़ रुपये, कपसदा जलाशय के लिए 4.57 करोड़ रुपये और नंदौरी जलाशय के लिए 4.77 करोड़ रुपये के कार्य किए जाएंगे। दुर्ग ग्रामीण क्षेत्र में तिरगा और गनियारी जलाशयों के जीर्णोद्धार पर 4.71-4.71 करोड़ रुपये तथा रिसाली-उमरपोटी जलाशय के जीर्णोद्धार एवं नहर लाइनिंग पर 4.97 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
दुर्ग नगर निगम क्षेत्र के तालाबों में निस्तारी जल भरने के लिए 4.93 करोड़ रुपये की लागत से कोटनी माइनर चैनल बनाया जाएगा। शिवनाथ मंडल कार्यालय दुर्ग के जीर्णोद्धार एवं नवीन निर्माण के लिए 4.96 करोड़ रुपये के कार्य की भी आधारशिला रखी गई है। इन परियोजनाओं से जल प्रबंधन और सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
चिकित्सा और नर्सिंग शिक्षा का विस्तार
दुर्ग शहर में शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं के लिए 16.16 करोड़ रुपये की लागत से छात्रावास का निर्माण किया जाएगा। जिला चिकित्सालय दुर्ग स्थित शासकीय जीएनएम प्रशिक्षण केंद्र के निर्माण के लिए 11.96 करोड़ रुपये के कार्य का भी भूमिपूजन किया गया।
इन परियोजनाओं से चिकित्सा और नर्सिंग विद्यार्थियों को बेहतर अधोसंरचना उपलब्ध कराने के साथ स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने में सहायता मिलेगी।
पाटन में मजबूत होगी विद्युत व्यवस्था
पाटन विधानसभा क्षेत्र में 25.83 करोड़ रुपये की लागत से 132/33 केवी उपकेंद्र जामगांव (आर) का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ 14 करोड़ रुपये की लागत से 132 केवी पाटन-जामगांव (आर) अति उच्च दाब ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण होगा।
इसके अलावा 220/132 केवी उपकेंद्र पाटन में 2.50 करोड़ रुपये की लागत से दो अतिरिक्त 132 केवी बे बनाए जाएंगे। इन कार्यों से क्षेत्र की ट्रांसमिशन क्षमता बढ़ाने और विद्युत आपूर्ति को अधिक मजबूत बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का विकास मॉडल जनकल्याण और मजबूत अधोसंरचना के समन्वय पर आधारित है। एक ओर महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए नियमित सहायता दी जा रही है, वहीं दूसरी ओर सड़क, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है और सरकार विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।






