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Women Empowerment Chhattisgarh: महतारी वंदन की 31वीं किस्त से कुसुम की रक्षाबंधन खुशियां हुईं दोगुनी

Chhattisgarh 29 August 2026

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रायपुर, 29 अगस्त 2026। रक्षाबंधन का पर्व सरगुजा जिले की महिलाओं के लिए इस बार आर्थिक संबल और खुशियों का संदेश लेकर आया। महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त की राशि त्योहार से पहले मिलने से महिलाओं को राखी, मिठाई और अन्य जरूरी सामान खरीदने में मदद मिली। लखनपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत पुहपुटरा की रहने वाली कुसुम शुक्ला के लिए भी समय पर मिली आर्थिक सहायता ने रक्षाबंधन की तैयारियों को आसान बना दिया।

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Festival Support: त्योहार से पहले मिली राशि से आसान हुई खरीदारी

कुसुम शुक्ला ने बताया कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता उनके लिए उपयोगी साबित हो रही है। इस बार रक्षाबंधन से पहले 31वीं किस्त मिलने पर उन्होंने अपने भाइयों के लिए राखी और मिठाई खरीदने की तैयारी की।

उन्होंने कहा कि समय पर राशि मिलने से त्योहार की खरीदारी को लेकर आर्थिक दबाव कम हुआ और परिवार के साथ रक्षाबंधन मनाने का उत्साह बढ़ा। उनके अनुसार यह राशि केवल आर्थिक सहायता नहीं है, बल्कि महिलाओं को अपनी जरूरत और पसंद के अनुसार खर्च करने का आत्मविश्वास भी देती है।

कुसुम ने कहा कि महतारी वंदन की राशि रक्षाबंधन से पहले मिलने से वह खुश हैं और इसी राशि से राखी व मिठाई खरीदकर भाइयों के साथ पर्व मनाएंगी। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार भी जताया।

Women Empowerment: महिलाओं के आर्थिक आत्मविश्वास को मिल रहा सहारा

कुसुम के मुताबिक नियमित आर्थिक सहायता से महिलाएं अपनी छोटी-बड़ी जरूरतों को पूरा करने में सक्षम हो रही हैं। घरेलू जरूरतों के अलावा त्योहार और पारिवारिक आयोजनों में भी महिलाएं अपनी आवश्यकता के अनुसार खर्च कर पा रही हैं।

उन्होंने कहा कि योजना से महिलाओं में यह भरोसा बढ़ा है कि वे परिवार की खुशियों और महत्वपूर्ण अवसरों में आर्थिक रूप से अपनी भूमिका निभा सकती हैं।

Raksha Bandhan: राखी के साथ जुड़ा आभार और विश्वास

रक्षाबंधन से पहले मिली राशि ने कुसुम के लिए त्योहार को और खास बना दिया। उन्होंने कहा कि राखी और मिठाई की खरीदारी के लिए समय पर आर्थिक सहायता मिलने से उन्हें काफी मदद मिली।

कुसुम ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को बहनों की ओर से बधाई और शुभकामनाएं देते हुए योजना के लिए आभार व्यक्त किया।

महतारी वंदन योजना की नियमित सहायता महिलाओं के लिए आर्थिक सहारे के साथ आत्मविश्वास और सम्मान का आधार बनने का संदेश दे रही है। कुसुम शुक्ला की कहानी इसी बदलाव को दर्शाती है, जहां रक्षाबंधन के स्नेह के साथ आर्थिक आत्मनिर्भरता का भाव भी जुड़ रहा है।

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