छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के सारंगढ़ क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले दानसरा गांव से एक ऐसी खबर आई है, जो महिला सशक्तिकरण और गहरी आस्था का संगम पेश करती है। यहाँ की लगभग 70 महिलाओं ने राज्य सरकार की 'महतारी वंदन योजना' के तहत मिलने वाली अपनी आर्थिक सहायता राशि को निजी उपभोग के बजाय भगवान श्री राम के मंदिर निर्माण के लिए समर्पित करने का संकल्प लिया है।
50 लाख की लागत से बन रहा है भव्य धाम
महिलाओं के इस सामूहिक प्रयास और उनके अटूट विश्वास का परिणाम है कि आज गांव में लगभग 50 लाख रुपये की अनुमानित लागत से एक भव्य श्री राम मंदिर का निर्माण हो रहा है। यह मंदिर केवल ईंट-पत्थरों का ढांचा नहीं, बल्कि उन महिलाओं की श्रद्धा की इबारत है, जिन्होंने अपनी छोटी-छोटी बचत से एक बड़े सपने को साकार करने की नींव रखी है।
योजना की राशि का सार्थक उपयोग
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार द्वारा शुरू की गई 'महतारी वंदन योजना' का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से संबल प्रदान करना है। दानसरा की महिलाओं ने इस राशि को मंदिर निर्माण के कोष में जमा करके यह संदेश दिया है कि जब महिलाएं संगठित होती हैं, तो वे समाज में बड़े धार्मिक और सामाजिक परिवर्तन ला सकती हैं।
पूरे क्षेत्र में हो रही है सराहना
महिलाओं के इस कदम की चर्चा अब पूरे प्रदेश में हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार से मिलने वाली 1,000 रुपये की मासिक किश्त को महिलाओं ने मंदिर के लिए दान करना शुरू किया, जिससे धीरे-धीरे एक बड़ी राशि एकत्रित हो गई। निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और जल्द ही यहाँ प्राण प्रतिष्ठा का भव्य आयोजन किया जाएगा।
आस्था और समर्पण की नई कहानी
यह पहल दर्शाती है कि सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर कैसे ग्रामीण महिलाएं सामुदायिक विकास और सांस्कृतिक संरक्षण में अपना योगदान दे रही हैं। दानसरा की इन 70 महिलाओं ने यह साबित कर दिया है कि संकल्प में बड़ी शक्ति होती है और सामूहिक भागीदारी से नामुमकिन दिखने वाले कार्यों को भी पूरा किया जा सकता है।








