महासमुंद: छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में एलपीजी (LPG) गैस चोरी के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। जानकारी के अनुसार, गैस से भरे छह कैप्सूल ट्रकों से करीब 90 टन एलपीजी गैस का गबन किया गया है, जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत 1.5 करोड़ रुपये बताई जा रही है। बदमाशों ने बड़ी ही चालाकी से इन ट्रकों से गैस निकालकर उसे अवैध रूप से खपाने की साजिश रची थी। इस घटना के सामने आने के बाद गैस कंपनियों और परिवहन विभाग में हड़कंप मच गया है।
पुलिस और विभाग की शुरुआती जांच में यह पाया गया कि गैस से भरे इन बड़े ट्रकों (कैप्सूल) के गंतव्य तक पहुँचने से पहले ही बीच रास्ते में ईंधन की चोरी की गई। गबन की गई गैस की मात्रा इतनी अधिक है कि यह किसी संगठित गिरोह की सोची-समझी साजिश लग रही है। आरोपियों ने ट्रकों की सील और सुरक्षा मानकों के साथ छेड़छाड़ कर इस वारदात को अंजाम दिया। फिलहाल, पुलिस इस मामले में शामिल ड्राइवरों और गिरोह के मुख्य सरगनाओं की तलाश में जुट गई है।
गैस चोरी का यह मामला न केवल वित्तीय धोखाधड़ी है, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी अत्यंत गंभीर है। ज्वलनशील गैस को अनधिकृत तरीके से निकालने के दौरान बड़े धमाके का खतरा रहता है। पुलिस द्वारा संदेह के आधार पर कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इस "गैस माफिया" के पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ किया जाएगा। प्रशासन अब गैस परिवहन की निगरानी के लिए और अधिक कड़े सुरक्षा उपाय लागू करने पर विचार कर रहा है।







